इंस्टाग्राम पर खत्म हुआ एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षा कवच; जानें आपकी प्राइवेसी पर क्या होगा असर ?
मेटा ने इंस्टाग्राम से सबसे सुरक्षित एन्क्रिप्शन फीचर हटाने का फैसला किया, अब स्टैंडर्ड एन्क्रिप्शन के तहत कंपनी की चैटिंग और मीडिया फाइल्स तक पहुंच होगी।

हाथ में पकड़े हुए मोबाइल फोन की स्क्रीन पर इंस्टाग्राम ऐप का आइकन प्राइवेसी सुरक्षा बदलावों के संदर्भ में।
Instagram End-to-End Encryption news : डिजिटल दुनिया में निजता की सुरक्षा को लेकर चल रही लंबी बहस के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आज से लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आपकी बातचीत का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। मेटा के स्वामित्व वाले इस प्लेटफॉर्म ने उस सबसे मजबूत सुरक्षा कवच को हटाने का फैसला किया है, जिसे 'एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन' के नाम से जाना जाता था। अब तक जो संदेश केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के बीच सीमित रहते थे, उन पर अब कंपनी की पहुंच संभव होगी। यह बदलाव न केवल टेक्स्ट मैसेज बल्कि आपके द्वारा साझा किए गए फोटो, वीडियो और वॉइस नोट्स को भी प्रभावित करेगा, जिससे करोड़ों यूजर्स की डिजिटल प्राइवेसी पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
इस बड़े फैसले के पीछे की कहानी साल 2019 में शुरू हुई थी, जब मेटा ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस फीचर को लाने का वादा किया था। साल 2023 के अंत तक इसे इंस्टाग्राम पर एक वैकल्पिक फीचर के रूप में पेश भी किया गया। हालांकि, महज कुछ वर्षों के भीतर ही टेक दिग्गज ने अपना रुख पूरी तरह बदल लिया है। कंपनी का तर्क है कि इस फीचर का उपयोग करने वाले सक्रिय यूजर्स की संख्या काफी कम थी, जिसके चलते इसे जारी रखना व्यवहार्य नहीं समझा गया। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से इंस्टाग्राम पर संचार की गोपनीयता का वह दौर समाप्त हो गया है जो इसे अन्य असुरक्षित माध्यमों से अलग बनाता था।
सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर नजर डालें तो अब इंस्टाग्राम चैटिंग के लिए केवल 'स्टैंडर्ड एनक्रिप्शन' का उपयोग करेगा। यह वही प्रणाली है जिसका उपयोग जीमेल जैसी सेवाएं करती हैं, जहां जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या स्वयं कंपनी संदेशों की सामग्री तक पहुंच बना सकती है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब आपकी चैटिंग का डेटा सर्वर पर पूरी तरह गोपनीय नहीं है। यदि भविष्य में डेटा चोरी या सर्वर हैकिंग जैसी घटनाएं होती हैं, तो व्यक्तिगत चैट के लीक होने का खतरा पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे अकाउंट की लॉगिन सुरक्षा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या पासवर्ड की मजबूती पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन प्राइवेसी के मोर्चे पर यह एक बड़ा समझौता माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम का सबसे गहरा प्रभाव उन यूजर्स पर पड़ेगा जो संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए इंस्टाग्राम का उपयोग करते थे। कानूनविदों और साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, डेटा एक्सेस की इस नई व्यवस्था के बाद अब यूजर्स को अपनी ऑनलाइन बातचीत के प्रति पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। प्राइवेसी का यह नया ढांचा यह संकेत देता है कि डिजिटल युग में 'पूर्ण गोपनीयता' अब एक दुर्लभ सुविधा बनती जा रही है। ऐसे में इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया के भविष्य और यूजर्स के डेटा पर कंपनियों के बढ़ते नियंत्रण की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
