नई दिल्ली: आज, 19 फरवरी 2026, भारत की राजधानी नई दिल्ली एक वैश्विक डिजिटल महाकुंभ की गवाह बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को संबोधित करेंगे। यह आयोजन न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिशा और दशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाला है।

इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब एआई के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वैश्विक मंच पर दिग्गजों का जमावड़ा

नई दिल्ली में आयोजित इस समिट में अभूतपूर्व वैश्विक भागीदारी देखी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस सम्मेलन में:

  • 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष (Heads of State) हिस्सा ले रहे हैं।
  • 60 से अधिक देशों के मंत्री नीतिगत चर्चाओं के लिए उपस्थित हैं।
  • 500 से अधिक वैश्विक एआई लीडर्स, वैज्ञानिक और टेक एक्सपर्ट्स इस मंच पर अपने विचार साझा करेंगे।

उद्घाटन समारोह और प्रमुख वक्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह लगभग 9:40 बजे उद्घाटन सत्र में अपना संबोधन देंगे। पीएम मोदी के साथ इस मंच पर दुनिया की दो और प्रभावशाली हस्तियां मौजूद रहेंगी:

  • इमैनुएल मैक्रों: फ्रांस के राष्ट्रपति, जो एआई विनियमन (AI Regulation) और नवाचार में भारत के प्रमुख सहयोगी रहे हैं।
  • एंटोनियो गुटेरेस: संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव, जो वैश्विक मानवता और नैतिकता के संदर्भ में एआई के उपयोग पर अपनी बात रखेंगे।

इन तीनों नेताओं का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि भविष्य की तकनीक में 'मानव-केंद्रित' दृष्टिकोण अपनाना कितना अनिवार्य है।

एआई इम्पैक्ट एक्सपो: तकनीक का जीवंत प्रदर्शन

उद्घाटन सत्र के बाद, कार्यक्रम की रूपरेखा काफी विस्तृत है। सुबह लगभग 11:00 बजे, प्रधानमंत्री मोदी अन्य वैश्विक नेताओं के साथ 'एआई इम्पैक्ट एक्सपो' का दौरा करेंगे।

इस एक्सपो की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • कंट्री पवेलियन: अलग-अलग देशों ने अपने यहाँ विकसित की गई एआई तकनीकों के प्रदर्शन के लिए विशेष स्टॉल लगाए हैं।
  • स्वदेशी नवाचार: भारत के स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थानों द्वारा विकसित एआई समाधानों को वैश्विक मंच पर पेश किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्र में एआई के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • भविष्य की तकनीक: एक्सपो में रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और जनरेटिव एआई के लाइव डेमो दिखाए जाएंगे।

भारत के लिए इस समिट के मायने

'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत "एआई फॉर ऑल" (सभी के लिए एआई) के मिशन पर काम कर रहा है। सरकार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समिट का उद्देश्य एआई के सुरक्षित, नैतिक और समावेशी उपयोग को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री मोदी अक्सर कहते रहे हैं कि तकनीक ऐसी होनी चाहिए जो समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में बदलाव ला सके। आज के उनके भाषण में इस 'लोकतान्त्रिक एआई' के विजन की झलक देखने को मिल सकती है।

सुरक्षा और आयोजन की भव्यता

शिखर सम्मेलन के मद्देनजर नई दिल्ली के भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वैश्विक नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए हाई-टेक सुरक्षा घेरा बनाया गया है और यातायात के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिट के समापन पर 'दिल्ली एआई डिक्लेरेशन' जैसा कोई बड़ा समझौता हो सकता है, जो भविष्य में एआई के वैश्विक नियमों के लिए आधारशिला बनेगा।


क्या उम्मीद करें?

आज के इस कार्यक्रम से उम्मीद की जा रही है कि एआई के क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणाएं होंगी और भारत के डिजिटल इंडिया अभियान को एक नई रफ़्तार मिलेगी। समिट में चर्चा का मुख्य केंद्र एआई के कारण होने वाली नौकरियों के बदलाव और एआई सुरक्षा (AI Safety) पर भी रहने वाला है।

19 फरवरी 2026 का यह दिन भविष्य की किताबों में भारत की तकनीकी शक्ति के उदय के रूप में दर्ज होगा। पीएम मोदी का संबोधन न केवल भारत के 140 करोड़ लोगों को, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश देगा कि तकनीक और मानवता का संतुलन ही भविष्य की कुंजी है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story