ऊर्जा सुरक्षा अपडेट: होर्मुज स्ट्रेट की चुनौती और भारत की राहत

नई दिल्ली:

मिडिल ईस्ट (मध्य-पूर्व) में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस युद्ध क्षेत्र के सबसे संवेदनशील रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर भारत के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है। भीषण तनाव और हमलों के साये के बीच, भारत के दो बड़े एलपीजी जहाज इस खतरनाक रास्ते को पार करने में सफल रहे हैं और अब भारतीय तटों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

रणधीर जायसवाल का आधिकारिक बयान: 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' की घर वापसी

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को एक विशेष इंटरमिनिस्ट्रियल प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के प्रयास सफल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय झंडे वाले दो प्रमुख जहाज, 'शिवालिक' और 'नंदा देवी', सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • कुल गैस की मात्रा: लगभग 93,000 मीट्रिक टन (प्रत्येक जहाज में 46,000 टन से अधिक)।
  • आगमन का स्थान: ये जहाज गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।
  • सप्लाई का महत्व: भारत में चल रहे वर्तमान एलपीजी संकट और पैनिक बुकिंग के बीच यह खेप घरेलू रसोई गैस की किल्लत को दूर करने में संजीवनी साबित होगी।

मध्य-पूर्व संकट में भारतीयों का नुकसान

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने एक दुखद जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष की वजह से अब तक 5 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और एक भारतीय घायल है। इसके अलावा, एक भारतीय नागरिक के लापता होने की भी खबर है। ओमान, इराक, यूएई और बहरीन में भारतीय दूतावास लापता नागरिक की तलाश और मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ 24 घंटे काम कर रहे हैं।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की तैनाती

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में भारतीय झंडे लगे 22 जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित बेड़ा वहां तैनात रखा है, जिसमें शामिल हैं:

  • 6 एलपीजी टैंकर और 1 एलएनजी टैंकर (गैस आपूर्ति के लिए)।
  • 4 कच्चे तेल के टैंकर (पेट्रोल-डीजल के लिए)।
  • 3 कंटेनर शिप और 2 बल्क कैरियर (अन्य सामान के लिए)।

इसके अलावा केमिकल प्रोडक्ट्स ले जाने वाले और मरम्मत (ड्राई डॉक) के अधीन जहाज भी वहां मौजूद हैं।

ईरानी नागरिकों की वापसी और कूटनीति

रणधीर जायसवाल ने बताया कि संघर्ष के कारण उड़ानों में आए व्यवधान की वजह से कई ईरानी पर्यटक और राजनयिक भारत में फंस गए थे। भारत ने मानवीय आधार पर सहयोग करते हुए ईरानी अधिकारियों को एक चार्टर्ड विमान की अनुमति दी। यह विमान कोच्चि से रवाना हुआ, जिसमें आईआरआईएस लावन (IRIS Lavan) जहाज के वे क्रू मेंबर भी शामिल थे जिनका जहाज पर रहना अनिवार्य नहीं था। हालांकि, ईरानी जहाज अभी भी कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है।

ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का 'एक्शन प्लान'

सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में भारत के कई जहाज 'स्टैंडबाय' मोड पर हैं। भारत लगातार सभी संबंधित देशों (ईरान, इजराइल और अमेरिका) के संपर्क में है ताकि तेल और गैस लेकर आने वाले जहाजों को कोई नुकसान न पहुंचे और आपूर्ति श्रृंखला बिना किसी रुकावट के चलती रहे।

पैट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि 93,000 टन एलपीजी के भारत पहुंचने के बाद गैस वितरण में आ रही देरी कम हो जाएगी। सरकार उन नियमों पर भी विचार कर रही है जिससे घरेलू गैस (LPG) और पाइप गैस (PNG) के बीच संतुलन बनाया जा सके, ताकि भविष्य में इस तरह के संकट से निपटा जा सके।

15 मार्च 2026 की यह रिपोर्ट बताती है कि भले ही वैश्विक स्तर पर हालात चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन भारत अपनी कूटनीति और रणनीतिक योजना के जरिए अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने में कामयाब रहा है। 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' का सुरक्षित निकलना भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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