पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान 10वीं सदी के ऐतिहासिक प्रम्बानन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत होने की उम्मीद है।

इंडोनेशिया के 10वीं सदी के ऐतिहासिक प्रम्बानन शिव मंदिर का जीर्णोद्धार अब भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परियोजना के काम की औपचारिक शुरुआत होने की प्रबल संभावना है। दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों और साझा विरासत को संरक्षित करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

इस परियोजना की रूपरेखा 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान तैयार की गई थी। इंडोनेशिया में स्थित भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने इस संदर्भ में जानकारी साझा करते हुए बताया है कि दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान जीर्णोद्धार कार्य के आरंभ की घोषणा की जा सकती है। यह मंदिर न केवल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुरानी सांस्कृतिक साझेदारी का प्रतीक भी है।

प्रम्बानन शिव मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। योग्याकार्ता और मध्य जावा के बीच स्थित यह स्थल 9वीं से 10वीं सदी की वास्तुकला और धार्मिक भक्ति का एक जीवंत प्रमाण माना जाता है। साल 1991 में यूनेस्को ने इस मंदिर को विश्व धरोहर का दर्जा प्रदान किया था। इस मंदिर परिसर के मुख्य शिव मंदिर का शिखर 47 मीटर यानी 154 फीट ऊंचा है, जो पारंपरिक हिंदू स्थापत्य कला की विशिष्टता को दर्शाता है। हालांकि, ऐतिहासिक भूकंपों के कारण इस परिसर में मौजूद 240 से अधिक मूल मंदिरों में से अधिकांश अब खंडहरों के रूप में शेष हैं।

वास्तुकला की दृष्टि से प्रम्बानन मंदिर की भव्यता अद्वितीय है। इसके मुख्य भाग में भगवान शिव का मंदिर स्थित है, जिसके साथ ही माता पार्वती, भगवान गणेश और ऋषि अगस्त्य की प्रतिमाएं स्थापित हैं। परिसर के अन्य मंदिरों में भगवान ब्रह्मा और विष्णु की मूर्तियां भी विद्यमान हैं, जबकि मुख्य मंदिरों के समक्ष नंदी सहित अन्य देवताओं के वाहनों के मंदिर भी बने हुए हैं। इस मंदिर की गैलरी की आंतरिक दीवारों पर रामायण और भागवत पुराण की पौराणिक कथाओं को सुंदर नक्काशी के माध्यम से उकेरा गया है। भारत सरकार द्वारा इस मंदिर के संरक्षण का कार्य दोनों देशों के साझा इतिहास को सहेजने के प्रति एक दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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