अब बदलेगा दुनिया का नक्शा; जानें भारत और इटली के रक्षा समझौते में क्या है खास?
रोम में द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्त लेख जारी कर आर्थिक व तकनीकी सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।

रोम में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान एक बालकनी से दूर देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (बाएं) और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (दाएं)।
PM Modi Giorgia Meloni Joint Article : वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत और इटली के संबंध अब एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं, जो न केवल दो प्राचीन सभ्यताओं को जोड़ रहा है बल्कि आने वाले समय में महाद्वीपों के बीच शक्ति संतुलन को भी पुनर्परिभाषित करने वाला है। रोम में दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक संयुक्त विशेष लेख साझा किया है। इस कूटनीतिक दस्तावेज में दोनों देशों ने साफ कर दिया है कि उनका रिश्ता अब महज पारंपरिक मित्रता की सीमाओं को लांघकर स्वतंत्रता, लोकतंत्र और भविष्य के साझा विजन पर टिकी एक अत्यंत सुदृढ़ और रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो चुका है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के इस मौजूदा दौर में दोनों महाशक्तियों का यह बढ़ता संस्थागत तालमेल दुनिया के सामने एक नया 'पावर ब्लॉक' पेश कर रहा है।
दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने इस बात को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया है कि 21वीं सदी में किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता, समृद्धि और सुरक्षा उसकी रणनीतिक आत्मनिर्भरता, ऊर्जा परिवर्तन के कुशल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार की क्षमता पर टिकी है। इसी दूरदर्शी सोच को साकार करने के लिए इटली की बेजोड़ डिजाइन उत्कृष्टता, विनिर्माण कौशल और सुपरकंप्यूटिंग क्षमताओं को भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि, विशाल इंजीनियरिंग प्रतिभा और फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की गई है। दोनों नेताओं ने आगामी यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते के माध्यम से व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो के ऐतिहासिक पार ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके दायरे में रक्षा, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स और स्वच्छ तकनीक जैसे मुख्य क्षेत्र शामिल होंगे।
यह रणनीतिक गठजोड़ केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य आधार अत्याधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष अनुसंधान को बनाया गया है। साझा लेख के अनुसार, दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार और मानव-केंद्रित एआई के विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत के 'मानव विजन' और इटली की 'एल्गोर-एथिक्स' अवधारणा को एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में स्वीकार किया गया है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा को अभेद्य बनाने और खुला व सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने पर भी बल दिया गया है, जो इटली की हालिया जी7 अध्यक्षता और नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के निष्कर्षों के अनुकूल है। अंतरिक्ष कूटनीति के क्षेत्र में भी भारत की किफायती व उन्नत स्पेस तकनीक और इटली की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग मिलकर नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार हैं।
भू-राजनीतिक सुरक्षा के लिहाज से इस लेख में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा 'इंडो-मेडिटेरेनियन' के उदय को लेकर की गई है। चूंकि भारत हिंद महासागर और इटली भूमध्य सागर के रणनीतिक केंद्रों पर स्थित हैं, इसलिए दोनों देश मिलकर एक ऐसे नए गलियारे की संकल्पना कर रहे हैं जो व्यापार, तकनीक, डेटा और विचारों के प्रवाह को गति देगा। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा इसी वृहद रणनीतिक नीति का मुख्य हिस्सा है। इसके समानांतर समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आतंकवाद, साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों की सेनाओं और खुफिया एजेंसियों के बीच संयुक्त प्रयास बढ़ाए जाएंगे। ऊर्जा क्षेत्र में भारत की ग्रीन हाइड्रोजन निर्यात क्षमता और इटली की रिन्यूएबल टेक्नोलॉजी एक-दूसरे की पूरक बनेंगी।
Appena atterrato a Roma, ho avuto l'opportunità di incontrare il Primo Ministro Meloni a cena, seguita da una visita all'iconico Colosseo. Abbiamo scambiato opinioni su una vasta gamma di argomenti. Attendo con interesse i nostri colloqui di oggi, durante i quali proseguiremo la… pic.twitter.com/12yt8UipaJ
— Narendra Modi (@narendramodi) May 20, 2026
सांस्कृतिक रूप से यह पूरी साझेदारी भारत के 'वसुधैव कुटुंबकम' तथा 'कर्तव्यभाव' के सिद्धांतों और इटली की पुनर्जागरण कालीन मानवतावादी परंपराओं के प्राकृतिक सामंजस्य पर टिकी है। दोनों देशों में अब एक-दूसरे की 1,000 से अधिक कंपनियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जो वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी का यह संयुक्त संकल्प स्पष्ट करता है कि भारत-इटली की यह रणनीतिक जुगलबंदी वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में अत्यंत प्रभावशाली साबित होने वाली है, जो आने वाले समय में एशिया और यूरोप के बीच समृद्धि का एक अटूट पुल बनकर उभरेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
