मां करती रही कॉल का इंतजार, वतन पर कुर्बान हो गया जांबाज बेटा; शुभम के आखिरी कॉल के बाद पसरा सन्नाटा|
जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर एएन-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच सैन्य कर्मियों की मौत, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख।

असम के जोरहाट में दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान के मलबे की जांच करते सैन्य कर्मी और इनसेट में बिहार के शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार|
भारतीय वायुसेना के एक परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद घटना में बिहार के जहानाबाद जिले के मूल निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार ने देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया है। असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर उड़ान भरने के दौरान हुए इस भीषण हादसे में वायुसेना के पांच जवानों की मौत हो गई, जिनमें शुभम कुमार भी शामिल थे। इस हृदयविदारक समाचार के प्राप्त होने के बाद से ही शहीद अधिकारी के पैतृक गांव और परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। दुर्घटना से ठीक एक घंटे पहले सैन्य अधिकारी की अपनी माता से हुई अंतिम बातचीत अब पूरे क्षेत्र में चर्चा और संवेदना का विषय बनी हुई है।
हादसे की पृष्ठभूमि में पारिवारिक और भावनात्मक कड़ियों को जोड़ते हुए यह तथ्य सामने आया है कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार ने अपने घर पर एक वीडियो कॉल किया था। इस दौरान उन्होंने अपनी माता से संक्षिप्त बातचीत की। कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की जल्दबाजी के कारण उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वह अभी थोड़े व्यस्त हैं और एक घंटे बाद पूरी तरह फ्री होकर उनसे विस्तार से और आराम से बात करेंगे। मां निरंतर अपने बेटे के दोबारा आने वाले वीडियो कॉल का इंतजार कर रही थीं, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके पास कॉल के स्थान पर वायुसेना विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की आधिकारिक और दर्दनाक सूचना पहुंची, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार मूल रूप से जहानाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव के निवासी थे। उनके पिता अमरेंद्र आनंद एक सामान्य किसान हैं और उनकी माता एक कुशल गृहिणी हैं, जो परिवार सहित अपने मूल गांव बनवरिया में ही निवास करते हैं। एक किसान के पुत्र के रूप में आगे बढ़ते हुए शुभम कुमार ने वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर अपनी सेवाएं शुरू की थीं। अपनी कड़ी मेहनत, अटूट देशभक्ति और असाधारण योग्यता के बल पर वे निरंतर वायुसेना के तकनीकी अभियानों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, लेकिन असम के जोरहाट में एएन-32 (AN-32) परिवहन विमान की इस अप्रत्याशित तकनीकी खराबी या दुर्घटना ने उनके इस शानदार करियर और जीवन पर पूर्ण विराम लगा दिया।
आधिकारिक और प्रशासनिक स्तर पर इस सैन्य त्रासदी को लेकर उच्च स्तरीय प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोरहाट विमान दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पांचों सैन्य कर्मियों की असामयिक और दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि संपूर्ण देश इन वीर जवानों के साहस, अद्वितीय समर्पण और देश की संप्रभुता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को अत्यंत सम्मान के साथ नमन करता है। सैन्य प्रोटोकॉल के अनुसार, वायुसेना द्वारा इस गंभीर विमान हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं ताकि दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं और परिस्थितियों की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा सके।
इस दुखद घटना ने न केवल एक अत्यंत होनहार युवा सैन्य अधिकारी को देश से छीन लिया है, बल्कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की सीमाओं की रक्षा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक अपूरणीय क्षति छोड़ी है। शुभम कुमार की शहादत की खबर मिलने के बाद से बनवरिया गांव सहित पूरे जहानाबाद जिले में शोक की लहर है और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शहीद के परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। सैन्य सम्मान के साथ शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास स्थान पर लाने की प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं, जहां पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
