कैसे हुआ देश से नक्सलवाद का खात्मा ? जाने गृह मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा
भारत से नक्सलवाद का सफाया हुआ है। इस बारे में मोदी सरकार ने निर्धारित समय से पहले आधिकारिक घोषणा की। हिंसा में 88% की कमी, छत्तीसगढ़ के बस्तर में अब विकास का नया दौर शुरू।

Amit Shah On Naxalism eradicated
Amit Shah Naxal Violence Statistics 2025 : भारत के आंतरिक सुरक्षा इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। केंद्र सरकार ने देश से नक्सली हिंसा के पूर्णतः उन्मूलन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विशेष बात यह है कि इस लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से काफी पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। दशकों से देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों को लहूलुहान करने वाली इस विचारधारात्मक जंग के खात्मे की घोषणा ने न केवल सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाया है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास के नए युग का शंखनाद भी किया है।
आंकड़ों की जुबानी: हिंसा में 88 प्रतिशत की भारी गिरावट :
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की रणनीतियों को इस सफलता का मुख्य आधार बताया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2010 की तुलना में नक्सली घटनाओं में 88 प्रतिशत की अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 तक नक्सली वारदातों की संख्या जो कभी 1,936 हुआ करती थी, वह नाटकीय रूप से घटकर मात्र 234 रह गई है। छत्तीसगढ़, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, वहां प्रभावित जिलों की संख्या 200 से सिमटकर अब केवल सात रह गई है।
इस निर्णायक जीत के पीछे की बहुआयामी रणनीति के मुख्य स्तंभ निम्नलिखित रहे हैं:
- शीर्ष नेतृत्व का सफाया : सुरक्षा अभियानों के तहत माओवादी संगठनों के शीर्ष कमांडरों और रणनीतिकारों को निष्क्रिय किया गया।
- विकास आधारित दृष्टिकोण : बस्तर जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में रिकॉर्ड समय में स्कूल, अस्पताल और सड़कों का निर्माण किया गया।
- आत्मसमर्पण नीति : 'बंदूक छोड़ो, मुख्यधारा से जुड़ो' की नीति के तहत हजारों नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाया गया।
- प्रशासनिक पैठ : पूर्व में 'नो-गो जोन' माने जाने वाले इलाकों में सरकारी तंत्र और पुलिस थानों की मजबूती से स्थापना की गई।
THIS IS ABSOLUTE CINEMA 🔥Send fire brigades to the opposition.REAL QUEEN pic.twitter.com/KdRtITmobJ— desi mojito (@desimojito) March 30, 2026
राजनीतिक प्रतिक्रिया और शासन की सफलता :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को सुशासन और 'अंत्योदय' की बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि अलग-थलग पड़े क्षेत्रों में विकास की पहुंच ने नक्सलवाद की वैचारिक नींव को खोखला कर दिया है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने अतीत की सरकारों, विशेषकर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की निष्क्रियता और उग्रवाद समर्थकों के प्रति नरम रुख के कारण यह समस्या दशकों तक खिंचती रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने ही इस जटिल सुरक्षा चुनौती का समाधान संभव बनाया है।
This is an outstanding speech by the Home Minister, Shri Amit Shah Ji, filled with important facts, historical context and the efforts of our Government in the last decade.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 30, 2026
For decades, the retrograde Maoist ideology had an adverse impact on the development of several regions.… https://t.co/griyI8cLSH
कानूनी और सुरक्षात्मक पहलू :
भारत सरकार ने इस समाप्ति की घोषणा के साथ ही स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के पुनरुत्थान को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और खुफिया तंत्र को फिलहाल सक्रिय रखा जाएगा। सरकार अब इन क्षेत्रों के आर्थिक पुनर्निर्माण और जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से, यह सफलता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की आंतरिक सुरक्षा क्षमता का लोहा मनवाती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
