वैश्विक ऊर्जा बाजार में होर्मुज स्ट्रेट की महत्वपूर्ण भूमिका फिर से चर्चा का केंद्र बन गई है, क्योंकि इस संकरे जलमार्ग से होने वाली कमर्शियल शिपिंग गतिविधियों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। एनर्जी मार्केट में इस समुद्री रास्ते की अहमियत के चलते यहां की अनिश्चितता वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर दबाव बना रही है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच हालिया बातचीत के बावजूद, शिपिंग कंपनियों ने इस मार्ग पर सावधानी बरतने का रुख अपनाया है।

रविवार को स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न झील के निकट बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में आयोजित बैठक में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के साथ पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ प्रतिनिधिमंडल भी शामिल थे। दोहा द्वारा इस चार-पक्षीय वार्ता की पुष्टि के बाद भी स्थिति में सुधार के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। 18 जून को हुए सीजफायर समझौते के बाद 19 जून को 19 जहाजों की आवाजाही ने उम्मीद जताई थी कि शिपिंग ऑपरेशन सामान्य हो रहे हैं, लेकिन यह सुधार अल्पकालिक साबित हुआ।

ईरान की मिलिट्री कमांड ने इजरायल पर लेबनान में सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट को बंद करने की घोषणा की है। तेहरान का तर्क है कि अमेरिका संघर्ष समाप्त करने के समझौते की शर्तों को पूरा करने में विफल रहा है। मैरीटाइम एनालिटिक्स फर्म विंडवर्ड के अनुसार, सप्ताहांत पर जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है और रविवार सुबह स्ट्रेट में केवल दो गैर-ईरानी कमर्शियल जहाज देखे गए।

ईरानी मीडिया के अनुसार, इस समुद्री मार्ग का भविष्य व्यापक कूटनीतिक घटनाक्रम से जुड़ गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक लेबनान में सीजफायर का पूर्ण पालन नहीं होता और ईरानी तेल निर्यात पर लगी पाबंदियां कम नहीं की जातीं, तब तक यह मार्ग बंद रह सकता है। हालांकि फरवरी के अंत में हुए एमओयू ने इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष को शांत करने के प्रावधान जोड़े थे, लेकिन लेबनान में बार-बार हो रही झड़पों ने इस महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे की पहुंच को फिर से खतरे में डाल दिया है। इस स्थिति का प्रभाव वैश्विक कमोडिटी कीमतों और समुद्री सुरक्षा पर पड़ना तय है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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