पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए राहत की एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक आपूर्ति का मार्ग सुगम बना हुआ है। बीते 72 घंटों के दौरान भारत और विदेशी झंडे वाले कुल नौ जहाजों ने इस सामरिक समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार किया है। इनमें से सात जहाज महत्वपूर्ण कार्गो लेकर सीधे भारत की ओर बढ़ रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि फारस की खाड़ी में भारत आने वाले 15 अन्य जहाजों का काफिला अपनी बारी का इंतजार कर रहा है, जिनमें 10 जहाजों पर भारत का तिरंगा लहरा रहा है।

क्षेत्रीय तनाव की बात करें तो 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक भारत के लिए कार्गो लेकर जाने वाले कुल 44 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। हालिया घटनाक्रम में ईरान द्वारा एक कार्गो जहाज को निशाना बनाए जाने और उसके जवाब में अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि, इन परिस्थितियों के बीच भी भारत की समुद्री आपूर्ति श्रृंखला सामान्य बनी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 17 जून को ईरान और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद से अगले 10 दिनों में भारत आने वाले जहाजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो अब 25 तक पहुंच गई है।

आपूर्ति की बारीकियों को देखें तो इन जहाजों में खाद और ऊर्जा संसाधनों का बड़ा जखीरा लदा है। भारतीय ध्वज वाले बल्क कैरियर 'एपीजे प्रीति' ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है, जिसमें 65,000 टन खाद मौजूद है। इसी प्रकार 'देश सुरक्षा' जहाज एक लाख टन से अधिक कच्चा तेल लेकर गुजरा, जबकि 'प्रभु पार्वती' नामक जहाज ने 18,732 टन कार्गो के साथ इस मार्ग को पार किया। 1 मार्च से 17 जून के बीच इस मार्ग से केवल 19 जहाज गुजरे थे, लेकिन हालिया तेजी यह दर्शाती है कि रणनीतिक तनाव के बावजूद व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी हैं। समुद्री आवाजाही पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान 15 बल्क कैरियर, 13 एलपीजी कैरियर, 11 क्रूड टैंकर और दो एलएनजी कैरियर ने सफलतापूर्वक इस संवेदनशील मार्ग का उपयोग किया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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