ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर हुए हमले के दौरान उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है। भारत सरकार ने ओमान के पास कमर्शियल जहाज 'एमवी केप दाओ' (MV Cape Dao) पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है।

घटना के वक्त इस जहाज पर कुल 20 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 19 सुरक्षित बचा लिया गया है। ओमान में स्थित भारतीय दूतावास इन सभी 19 बचे हुए नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए वहां के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठा रहा है। जहाज पर मौजूद क्रू सदस्यों के अनुसार, ओमान के तट के पास बुधवार को इस मर्चेंट जहाज पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी द्वारा हमला किया गया था। यह भी बताया गया कि ओमान के पूर्वी तट पर हमले से पहले भारत आ रहे इस जहाज को कोई भी पूर्व रेडियो चेतावनी नहीं दी गई थी।

एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाला यह कमर्शियल जहाज यूएई के मीना साक्र बंदरगाह से अपनी यात्रा पर निकला था। भारतीय सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के मुताबिक, इस जहाज को पोर्ट साइड (बाईं ओर) से दो बार निशाना बनाया गया। पहला हमला इंजन रूम के पास और दूसरा हमला रहने की जगह (अकॉर्डेशन) के पास हुआ। इस हमले के तुरंत बाद रॉयल ओमान नेवी और वहां का मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर राहत एवं बचाव कार्य के लिए हरकत में आ गया तथा जहाज पर सवार क्रू मेंबरों को सुरक्षित बाहर निकाला।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओमान के पूर्वी तट के पास वाणिज्यिक जहाज पर हुआ यह हमला अत्यंत निंदनीय है, और वे मृतक नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह से वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना तुरंत बंद होना चाहिए ताकि वैश्विक व्यापार और आवाजाही सुचारू रूप से बहाल हो सके। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास भी इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और चालक दल के सभी सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान के प्रशासनिक संपर्क में है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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