हरिद्वार जाकर पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस समय हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पौड़ी घाट पर गंगा जी की मुख्य धारा नहीं बह रही है, जिसके कारण वहाँ पहुँचने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान नहीं कर पा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 7 नवंबर तक श्रद्धालु हर की पौड़ी पर गंगा स्नान नहीं कर सकेंगे। यदि आप भी इन दिनों हरिद्वार जाने और गंगा जी में आस्था की डुबकी लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए इस पूरे मामले और इसके पीछे की वजहों को जान लेना बहुत आवश्यक है।

हर की पौड़ी पर गंगा जल रोके जाने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं। 20 अक्टूबर से ही हर की पौड़ी घाट की दिशा में आने वाले गंगा जल को रोक दिया गया है। दरअसल, हर साल की तरह इस बार भी घाटों की मरम्मत और विशेष साफ-सफाई की व्यवस्था के उद्देश्य से गंगा नदी के पानी को कुछ दिनों के लिए बंद किया जाता है। इस वर्ष यह कार्य 20 अक्टूबर से शुरू किया गया है, जो 7 नवंबर तक जारी रहेगा। 7 नवंबर को सफाई और देखभाल का काम संपन्न होने के बाद गंगा जी का जल दोबारा छोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद ही श्रद्धालु पहले की तरह सहजता से स्नान कर सकेंगे।

इस सफाई अभियान के साथ ही एक और मुख्य वजह आने वाला महाकुंभ मेला भी है। वर्ष 2027 में हरिद्वार में भव्य कुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है। इस विशाल धार्मिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए हर की पौड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में मरम्मत, सौंदर्यीकरण और सफाई के काम तेजी से निपटाए जा रहे हैं। महाकुंभ की इन्हीं अग्रिम तैयारियों के चलते इस समय पानी रोककर जरूरी ढांचागत सुधार किए जा रहे हैं। 7 नवंबर के बाद जब जल की आपूर्ति फिर से शुरू होगी, तब श्रद्धालु सामान्य रूप से हर की पौड़ी पर गंगा स्नान का आनंद ले सकेंगे।

भारतीय धार्मिक परंपरा और शास्त्रों में हरिद्वार के हर की पौड़ी घाट पर गंगा स्नान करने का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। हर की पौड़ी को भगवान श्री हरि विष्णु के पावन चरणों का स्थान माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र स्थान पर पूरी श्रद्धा और सच्चे भाव के साथ स्नान व दान करने से मनुष्य के अनजाने में किए गए सभी पाप कट जाते हैं और उसके लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं। इसी अटूट आस्था के कारण अमवास्या, पूर्णिमा और पितृपक्ष जैसे खास और शुभ अवसरों पर देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे 7 नवंबर तक अपनी यात्रा टाल दें ताकि उन्हें हर की पौड़ी पहुँचकर असुविधा का सामना न करना पड़े।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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