ईरान में सीज़फायर का बड़ा असर; क्या अब सस्ते होंगे LPG-PNG के दाम?
ईरान सीज़फायर के बाद LPG-PNG आपूर्ति पर सरकार का बड़ा बयान; रसोई गैस की किल्लत खत्म, 5 किलो सिलेंडरों की सप्लाई हुई दोगुनी। जानें मंत्रालय की पूरी रिपोर्ट।

लाल रंग के कई एलपीजी सिलेंडर एक ट्रक में रखे हुए और एक व्यक्ति सिलेंडर उठाते हुए।
LPG gas supply update India 2026 : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान में हाल ही में घोषित सीज़फायर के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। रसोई गैस से लेकर उद्योगों तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपनी रणनीति और वर्तमान स्थिति का ब्यौरा साझा किया है। मंत्रालय की ओर से आए इस बयान ने उन करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है, जो पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण गैस की संभावित किल्लत को लेकर चिंतित थे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि देश में ईंधन का संकट पूरी तरह से नियंत्रण में है। सरकार के दावों के अनुसार, वर्तमान में एलपीजी वितरकों और पेट्रोल पंपों के पास पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। घरेलू एलपीजी की स्थिति अब सामान्य हो गई है, जहाँ ९८ प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यमों से हो रही है, जो वितरण प्रणाली में पारदर्शिता को दर्शाता है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि व्यावसायिक गैस की आपूर्ति भी तेजी से पटरी पर लौट रही है और अब तक इसमें ७० प्रतिशत तक की बहाली दर्ज की जा चुकी है।
विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और प्रवासी श्रमिकों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने बिना किसी पहचान पत्र के मिलने वाले पांच किलो के छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति को दोगुना कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, २३ मार्च से अब तक लगभग ११ लाख ऐसे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं और वर्तमान में रोजाना एक लाख सिलेंडरों की बिक्री हो रही है। औद्योगिक मोर्चे पर भी स्थिति उत्साहजनक है; प्राकृतिक गैस की प्राथमिकता घरेलू इस्तेमाल को दी जा रही है, जबकि उद्योगों के लिए आपूर्ति ८० प्रतिशत और उर्वरक क्षेत्र के लिए ९५ प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है। १४ मार्च से अब तक देश में १.०६ लाख टन एलपीजी की बिक्री हुई है, जो बाजार की मजबूती का प्रमाण है।
LPG distributors and petrol pumps have sufficient stock with no reported shortages. Domestic LPG supply remains normal with 98% online bookings, while commercial LPG is 70% restored, with around 1,06,000 tonnes sold since 14 March and 6,000 to 6,500 tonnes sold daily.
— PIB India (@PIB_India) April 10, 2026
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सरकार की भविष्य की योजना केवल आपूर्ति बहाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश को अधिक टिकाऊ और स्वच्छ ईंधन की ओर ले जाने की दिशा में भी काम कर रही है। मंत्रालय अब उपभोक्ताओं को एलपीजी से हटाकर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट करने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। इसके लिए देशभर में २४०० से अधिक जागरूकता शिविर लगाए गए हैं। ईरान में शांति के इस दौर ने भारतीय ऊर्जा बाजार को स्थिरता दी है, लेकिन सरकार का जोर अब घरेलू संसाधनों और वैकल्पिक वितरण प्रणालियों को मजबूत करने पर है ताकि भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय झटके से भारतीय रसोई और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
