देश में LPG आपूर्ति अब होगी सामान्य; विशाखापत्तनम पहुंचेगा नया गैस टैंकर
सरकार ने रसोई गैस की किल्लत की अफवाहों को खारिज करते हुए आपूर्ति सुनिश्चित की है और कालाबाजारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी छापेमारी अभियान शुरू किया है।

भारत के एक वितरण केंद्र में एलपीजी सिलिंडरों की जांच करता कर्मचारी
LPG supply status India 2026 : वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश में ईंधन की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और नागरिकों को घबराहट में खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी की सौ प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जो सरकार की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को दर्शाता है।
आपूर्ति की स्थिरता को प्रमाणित करते हुए सरकार ने आंकड़ों के जरिए बताया कि बीते 2 मई को ही देश भर में लगभग 47.7 लाख एलपीजी सिलिंडरों की बुकिंग हुई, जिनमें से करीब 47 लाख सिलिंडरों की सफलतापूर्वक डिलीवरी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती देने के लिए मार्शल द्वीप के ध्वज वाला विशाल एलपीजी वाहक पोत 'एमटी सर्व शक्ति' 46,313 मीट्रिक टन तरल पेट्रोलियम गैस लेकर होर्मुस की खाड़ी को सुरक्षित पार कर चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह पोत 13 मई, 2026 को विशाखापत्तनम बंदरगाह पर लंगर डालेगा, जिससे घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता में और अधिक वृद्धि होगी।
सरकार की यह सक्रियता केवल आपूर्ति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले तत्वों के विरुद्ध भी एक राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ दिया गया है। प्रवर्तन टीमों ने देशभर में मुस्तैदी दिखाते हुए शनिवार को 1900 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। इस कड़ी कार्रवाई के अंतर्गत तेल विपणन कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 349 एलपीजी वितरकों पर भारी जुर्माना लगाया है, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते 74 वितरकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा और औचक निरीक्षणों का यह सिलसिला भविष्य में और तेज किया जाएगा।
आम नागरिकों को छोटी जरूरतों के लिए सुलभ विकल्प प्रदान करने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलिंडरों को लेकर भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है। 3 अप्रैल, 2026 से अब तक देशभर में 10,100 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस अल्पावधि में ही लगभग 1,75,000 छोटे सिलिंडरों की बिक्री हुई है। साथ ही, ऑटो एलपीजी क्षेत्र में भी अप्रैल माह से अब तक 11,082 मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की गई है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही निराधार अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
