ईंधन आपूर्ति पर सरकार का बड़ा कदम; जाने क्या है LPG को लेकर नए नियम?
LPG ऑनलाइन बुकिंग में 98% की वृद्धि; पेट्रोलियम मंत्रालय ने सुनिश्चित की शत-प्रतिशत आपूर्ति। कालाबाजारी पर 1.28 लाख छापे, जानें ईंधन आपूर्ति के नए सरकारी नियम।

घरेलू LPG सिलेंडर
Ministry of Petroleum LPG supply update : वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रमों के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक व्यापक और रणनीतिक खाका पेश किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है। इस संकटपूर्ण समय में भारतीय उपभोक्ताओं ने भी अभूतपूर्व समझदारी का परिचय दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे उद्योग में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का आंकड़ा लगभग 98 प्रतिशत तक जा पहुँचा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस भारी निर्भरता ने न केवल वितरकों के पास लगने वाली भीड़ को कम किया है, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बना दिया है।
सरकार ने निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए न केवल रिफाइनरी उत्पादन में वृद्धि की है, बल्कि वितरण प्रणाली में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग का अंतराल 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना है। इसके साथ ही, प्रवासी श्रमिकों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखते हुए 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडर की आपूर्ति को मार्च की औसत दैनिक आपूर्ति के मुकाबले दोगुना कर दिया गया है। मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और फार्मा जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों को व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ-साथ सरकार ने अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक देश भर में 1.28 लाख से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें 59,000 से ज्यादा अवैध सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही, मांग के दबाव को कम करने के लिए कोयला मंत्रालय ने भी राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ईंधन मिल सके। सरकार लगातार नागरिकों को पीएनजी और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्पों की ओर बढ़ने और ऊर्जा की बचत करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
मंत्रालय ने नागरिकों को किसी भी प्रकार की 'पैनिक बाइंग' यानी घबराहट में खरीदारी करने से बचने की सख्त सलाह दी है। सरकार ने आगाह किया है कि जनता केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करे और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक अफवाहों से सावधान रहे। आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए अधिकांश गैस वितरक केंद्र रविवार को भी खुले रखे जा रहे हैं। यह व्यापक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयास इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर पूरी तरह सजग है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट का सामना करने के लिए उसकी तैयारी पुख्ता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
