Gold Rate Today India : भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिछले कई दिनों से आसमान छू रही सोने की कीमतों में शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में आए बदलाव और घरेलू मांग में उतार-चढ़ाव के बीच देश के प्रमुख महानगरों में सोने के दाम ₹200 से ₹500 प्रति दस ग्राम तक नीचे आ गए हैं। इस गिरावट ने न केवल आम खरीदारों को चौंका दिया है, बल्कि निवेशकों के बीच भी एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है।

महानगरों का हाल: चेन्नई से मुंबई तक कीमतों में सेंध

देशभर के बाजारों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में क्षेत्रीय स्तर पर विविधता देखी गई है, लेकिन गिरावट का रुख लगभग हर शहर में समान रहा। दक्षिण भारत का प्रमुख केंद्र चेन्नई आज भी सबसे महंगा बाजार बना हुआ है, जहां 24 कैरेट (शुद्ध) सोने की कीमत ₹15,709 प्रति ग्राम दर्ज की गई। इसके विपरीत, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भाव अपेक्षाकृत कम रहे।

दिल्ली के बाजारों में भी आज सुस्ती का माहौल रहा, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,593 प्रति ग्राम पर सिमट गई। अहमदाबाद और वडोदरा जैसे व्यापारिक केंद्रों में मामूली अंतर के साथ भाव ₹15,583 प्रति ग्राम के आसपास रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के मुद्रास्फीति (CPI) आंकड़ों के आने से पहले निवेशक सतर्क हैं, जिसके कारण बाजार में यह 'करेक्शन' देखने को मिल रहा है।

कैरेट के अनुसार आज की दरें (1 ग्राम का भाव) :

आज की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, सोने की विभिन्न श्रेणियों में कीमतें कुछ इस प्रकार रहीं:

  • 24 कैरेट (99.9% शुद्धता): चेन्नई में सबसे ऊंचे स्तर (₹15,709) पर होने के बावजूद, मुंबई और बेंगलुरु में यह ₹15,578 प्रति ग्राम के भाव पर उपलब्ध है।
  • 22 कैरेट (आभूषण के लिए): अधिकांश शहरों में इसके दाम ₹14,280 प्रति ग्राम तक गिर गए हैं, जबकि चेन्नई में यह ₹14,400 के स्तर पर बना हुआ है।
  • 18 कैरेट (कम शुद्धता): हल्के वजन के आभूषणों के लिए प्रचलित 18 कैरेट सोने के दाम मुंबई में ₹11,684 प्रति ग्राम रहे।

गिरावट के पीछे के कारक और कानूनी पहलू :

इस गिरावट के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों में मामूली स्थिरता और अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मुख्य कारण माना जा रहा है। कानूनी और तकनीकी दृष्टिकोण से, भारतीय बाजार में सोने की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क, आयात शुल्क और 3% जीएसटी (GST) द्वारा निर्धारित होती हैं। वर्तमान में बजट 2026 के बाद आयात शुल्क में बदलाव की सुगबुगाहट और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी इन कीमतों को प्रभावित कर रही है। हॉलमार्किंग (BIS) के कड़े नियमों ने अब बाजार में शुद्धता को लेकर पारदर्शिता बढ़ा दी है, जिससे कीमतों में होने वाले बदलावों का असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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