Gold rate today in major Indian cities : भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक बेहद दिलचस्प और जटिल स्थिति देखने को मिल रही है, जिसने देश के अलग-अलग कोनों में रहने वाले निवेशकों और आम उपभोक्ताओं को एक साथ अपनी ओर आकर्षित किया है। देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में सोने की कीमतों में एक बड़ा क्षेत्रीय अंतर सामने आया है, जिसके कारण कहीं खरीदारों के चेहरे खिले हैं तो कहीं जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता दिख रहा है। वैश्विक स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों और स्थानीय मांग की गतिशीलता ने इस बार भारतीय बाजारों में एक ऐसा परिदृश्य तैयार किया है, जहां देश की राजधानी दिल्ली और दक्षिण के प्रमुख केंद्र चेन्नई में कीमतें आसमान छू रही हैं, जबकि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित कई अन्य बड़े केंद्रों में बाजार स्थिर बना हुआ है।

विस्तृत आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों का यह अंतर साफ दिखाई देता है। शुद्धता के उच्चतम मानक यानी 24 कैरेट सोने के लिए आज देश की राजधानी दिल्ली में प्रति ग्राम की कीमत ₹15,591 दर्ज की गई है, जबकि आभूषणों के लिए सबसे लोकप्रिय 22 कैरेट का दाम ₹14,015 और 18 कैरेट का भाव ₹11,699 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, दक्षिण भारत के सबसे बड़े सर्राफा बाजार चेन्नई में कीमतें सबसे ऊंचे स्तर पर हैं, जहां 24 कैरेट सोना ₹15,491, 22 कैरेट ₹14,200 और 18 कैरेट का भाव ₹11,910 प्रति ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है। इसके विपरीत, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और केरल राज्य में कीमतें बिल्कुल एक समान बनी हुई हैं, जहां 24 कैरेट के लिए ₹15,273, 22 कैरेट के लिए ₹14,000 और 18 कैरेट के लिए ₹11,455 प्रति ग्राम का भाव तय किया गया है। गुजरात के दो प्रमुख व्यावसायिक शहरों अहमदाबाद और वडोदरा में भी कीमतें लगभग समान हैं, जहां 24 कैरेट सोना ₹15,581, 22 कैरेट ₹14,005 और 18 कैरेट ₹11,689 प्रति ग्राम पर बिक रहा है।

कानूनी और विनियामक दृष्टिकोण से सोने की दरों में आने वाले इस तरह के क्षेत्रीय अंतर का मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर लगने वाले चुंगी कर (ऑक्ट्रॉय), परिवहन लागत और विभिन्न राज्यों के अपने स्थानीय कर ढांचे माने जाते हैं। विनियामक अधिकारियों और टैक्स विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि स्क्रीन पर प्रदर्शित होने वाली इन बुनियादी दरों में स्थानीय वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी और आभूषणों पर लगने वाला मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को वित्तीय धोखाधड़ी से बचने और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर एक लेन-देन पर सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया हॉलमार्क का निशान देखना और पक्का टैक्स इनवॉइस बिल लेना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में आए इस इस तरह के उतार-चढ़ाव और क्षेत्रीय विषमता का सीधा असर आने वाले समय में खुदरा व्यापार पर पड़ना तय माना जा रहा है। दिल्ली और चेन्नई जैसे बड़े उपभोग केंद्रों में आभूषणों की बढ़ती कीमतों के कारण खुदरा खरीदार थोड़ा सतर्क रुख अपना सकते हैं, जबकि मुंबई और बेंगलुरु जैसे स्थिर बाजारों में शादियों के सीजन की खरीदारी में तेजी आने की पूरी संभावना है। यह स्थिति इस बात की ओर भी साफ इशारा करती है कि भारतीय सर्राफा बाजार में अब एक देश-एक रेट के बजाय क्षेत्रीय मांग और स्थानीय नीतियां निवेशकों के लिए अधिक निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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