गैस सिलेंडर की किल्लत: क्या पश्चिम एशिया युद्ध से थम जाएगी आपके रसोई की रफ्तार?
पश्चिम एशिया में युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते भारत में LPG आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानें क्या वाकई देश में गैस की कमी है और सरकार ने इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

Gas cylinder shortage
नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव की तपिश अब भारतीय रसोई तक पहुंचती दिख रही है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से भारत में ईंधन की आपूर्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस स्थिति ने न केवल आम नागरिकों को बल्कि देश के विशाल होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को भी गहरी चिंता में डाल दिया है।
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में पहली चेतावनी
इस संभावित संकट की पहली आहट हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से आई है। देश के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता के रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उन्हें कमर्शियल (व्यावसायिक) LPG सिलेंडरों की आपूर्ति में भारी कटौती का सामना करना पड़ रहा है। 'बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन' और 'नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (NRAI) ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो कई छोटे और मध्यम दर्जे के भोजनालयों को अस्थायी रूप से ताला लगाना पड़ सकता है।
कई रेस्टोरेंट्स ने तो अपने मेनू (Menu) में भी कटौती करना शुरू कर दिया है। ज्यादा गैस खपत वाले व्यंजनों को हटाया जा रहा है और कुछ जगहों पर मजबूरी में पुराने जमाने के लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल फिर से शुरू हो गया है। रेस्टोरेंट संचालकों का आरोप है कि वेंडर्स उन्हें जरूरत से बहुत कम सिलेंडर दे रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
सरकार का पक्ष: 'घबराने की जरूरत नहीं'
एक तरफ जहां बाजार में डर का माहौल है, वहीं केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस का कोई बड़ा संकट नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, सरकार की पहली प्राथमिकता 'घरेलू उपभोक्ता' हैं। आम जनता को रसोई गैस की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने कमर्शियल सप्लाई के बजाय घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
सरकार के अनुसार:
- उत्पादन में वृद्धि: सभी रिफाइनरियों को अपनी पूरी क्षमता (100%) पर चलने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक LPG का उत्पादन हो सके।
- रिफाइनरी अपडेट: रिफाइनरियों में LPG उत्पादन को 10% तक बढ़ाया गया है।
- भ्रम से बचें: अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर चल रही कमी की खबरों को 'अफवाह' बताया है और जनता से शांत रहने की अपील की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और भारत की निर्भरता
भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% से अधिक LPG आयात करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। ये जहाज 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से होकर गुजरते हैं। युद्ध के कारण इस संकरे समुद्री रास्ते में तनाव बढ़ गया है, जिससे जहाजों को आने-जाने में देरी हो रही है। यही कारण है कि आयातित गैस की सप्लाई चैन में थोड़ी रुकावट आई है।
सुरक्षा के लिए नए नियम
सप्लाई को मैनेज करने के लिए सरकार ने घरेलू सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी कुछ बदलाव किए हैं। अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर (Inter-booking period) रखा गया है। यह कदम मुख्य रूप से जमाखोरी (Hoarding) और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि हर घर को समान रूप से गैस मिल सके।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह पूरी तरह से पश्चिम एशिया के हालातों पर निर्भर करती है। सरकार वैकल्पिक रास्तों और अन्य देशों से गैस आयात करने की संभावनाएं भी तलाश रही है। आम उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे पैनिक बुकिंग न करें, क्योंकि घरेलू सप्लाई को सरकार ने 'सुरक्षित श्रेणी' में रखा है। हालांकि, कमर्शियल सेक्टर के लिए आने वाले कुछ हफ्ते चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
