गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रचंड जीत हासिल करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। पार्टी ने 29 साल के युवा नेता रूपसिंह ठाकोर को गांधीनगर का नया मेयर नियुक्त किया है। हालांकि, मेयर पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही रूपसिंह ठाकोर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा और ट्रोलिंग का केंद्र बने हुए हैं। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम और उनके बैकग्राउंड से जुड़ी सभी मुख्य बातें।

गांधीनगर में बीजेपी का नया प्रयोग

गांधीनगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का लोकसभा क्षेत्र है, जिससे यह नगर निगम बीजेपी के लिए काफी अहम माना जाता है। 11 अक्टूबर को हुए गांधीनगर नगर निगम चुनावों में कुल 44 सीटों में से 38 सीटों पर बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद पार्टी ने वार्ड संख्या 4 से पहली बार पार्षद चुने गए 29 वर्षीय रूपसिंह ठाकोर को शहर का मेयर बनाने का फैसला किया। रूपसिंह का कहना है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाएंगे।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रहे हैं ट्रोल?

रूपसिंह ठाकोर के मेयर बनने के बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता और जनसंबोधन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई है। पहली बार पार्षद और फिर सीधे मेयर बने रूपसिंह 10वीं कक्षा तक पढ़े हैं। मेयर बनने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वे ज्यादा कुछ नहीं बोल पाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग उन्हें ट्रोल करने लगे। कुछ यूजर्स सोशल मीडिया पर उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से करके भी निशाना साध रहे हैं।

गांधीनगर न केवल गुजरात की राजधानी है, बल्कि यहाँ गिफ्ट सिटी (GIFT City) स्थित है और यह 'वाइब्रेंट गुजरात' जैसे तमाम बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र रहता है। ऐसे में शहर के प्रथम नागरिक के रूप में उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बीजेपी ने रूपसिंह ठाकोर पर क्यों जताया भरोसा?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने रूपसिंह ठाकोर को मेयर बनाकर एक तीर से दो निशाने साधे हैं।

  • युवा कनेक्ट (Gen Z): 29 साल के रूपसिंह गांधीनगर में कपड़ों का शोरूम चलाते हैं और वे 18 साल की उम्र में ही बीजेपी के युवा मोर्चा से जुड़ गए थे। उनके जरिए पार्टी युवाओं को एक सकारात्मक संदेश देना चाहती है।
  • ठाकोर समुदाय और OBC आरक्षण: इस साल गांधीनगर में मेयर का पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के लिए आरक्षित था। रूपसिंह राजनीतिक रूप से प्रभावशाली ठाकोर समुदाय से आते हैं, जिससे ओबीसी वर्ग को साधने में मदद मिलेगी।

गांधीनगर नगर निगम का राजनीतिक ढांचा

गांधीनगर में नगर निकाय के गठन के बाद से यह चौथा चुनाव था। इससे पहले 2011, 2016 और 2021 में चुनाव आयोजित किए जा चुके हैं। इस चुनाव में बीजेपी को 38, कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं, जबकि 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई थी। बीजेपी ने मेयर के साथ-साथ अंजना मेहता को डिप्टी मेयर और महेंद्र पटेल को स्थायी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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