Fujairah drone attack news : पश्चिम एशिया के रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन (FOIZ) ड्रोन और मिसाइल हमलों से दहल उठा है। ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित इस बेहद संवेदनशील इलाके को निशाना बनाकर किए गए अकारण हमलों ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, बल्कि भारत की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। इस भीषण हमले में फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से वहां कार्यरत तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए यूएई में स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय कर रहा है।

घटना के फौरन बाद भारत सरकार ने इस हमले पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए इसे "अस्वीकार्य" करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाली इस शत्रुतापूर्ण कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। भारत ने वैश्विक मंच से मांग की है कि इस प्रकार की दुश्मनी को तुरंत रोका जाए। भारत का मानना है कि महत्वपूर्ण वैश्विक व्यापार मार्गों, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता बनाए रखना विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर "स्वतंत्र और अबाधित नौवहन तथा व्यापार" की वकालत करते हुए स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में शांति का एकमात्र मार्ग कूटनीति और बातचीत ही है।

रणनीतिक दृष्टिकोण से फुजैराह का महत्व इस बात में निहित है कि यह होर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास करने वाला तेल निर्यात का एक प्रमुख वैकल्पिक मार्ग है। इस बीच, यूएई सरकार ने इस हमले के पीछे कथित तौर पर ईरान का हाथ होने की आशंका जताई है और इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा प्रहार बताया है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी रक्षा प्रणालियों ने विभिन्न स्थानों की ओर दागी गई चार क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया, हालांकि कई इलाकों में धमाकों की गूंज से दहशत फैल गई। स्थानीय प्रशासन (NCEMA) ने सुरक्षा के मद्देनजर निवासियों को घरों के भीतर रहने की सलाह जारी की है।

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत ने एक बार फिर शांति का पक्ष लेते हुए दोहराया है कि वह क्षेत्रीय मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में किए जाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत की यह स्पष्ट प्रतिक्रिया दर्शाती है कि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव न केवल वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी भारत के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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