उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी को लेकर एक महत्वपूर्ण और व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा है कि काशी आज केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह देश की अर्थव्यवस्था में भी एक बड़ा योगदान दे रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशी का प्रभाव अब भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर भी दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया जब वे वाराणसी में आयोजित एक विकास-संबंधी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में काशी में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, व्यापार, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्रों में जिस तेजी से विकास हुआ है, उसने इस प्राचीन नगरी को आर्थिक गतिविधियों का एक मजबूत केंद्र बना दिया है।

सीएम योगी ने कहा कि काशी का कायाकल्प केवल धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी किया गया है। आज यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक न केवल मंदिरों के दर्शन करते हैं, बल्कि होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खानपान और स्थानीय बाजारों में भी बड़े पैमाने पर खर्च कर रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा किए गए योजनाबद्ध विकास कार्यों के कारण काशी में निवेश का माहौल बना है। सड़क, घाट, कॉरिडोर, जलमार्ग और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से व्यापार को नई गति मिली है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी के बयान की प्रमुख बातें:

  • काशी अब केवल धार्मिक नहीं, आर्थिक केंद्र भी बन रही है
  • पर्यटन से स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा
  • बुनियादी ढांचे के विकास से निवेश में वृद्धि
  • हस्तशिल्प और MSME सेक्टर को नई पहचान

राष्ट्रीय GDP में काशी का बढ़ता योगदान

सीएम योगी ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है, जिससे यह शहर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आ गया है। उन्होंने कहा कि वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे विदेशी मुद्रा अर्जन में भी योगदान हो रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, काशी में होटल उद्योग, नाव परिवहन, लोकल गाइड सेवाएं, हस्तशिल्प निर्यात और धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इससे न केवल राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि काशी का विकास मॉडल आने वाले समय में अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों के लिए एक उदाहरण बनेगा। सरकार की मंशा है कि परंपरा और तकनीक का संतुलन बनाकर विकास को आगे बढ़ाया जाए, ताकि सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहे और आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हो।

अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने कहा कि काशी आज उस दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां वह अपनी प्राचीन पहचान को संजोते हुए आधुनिक भारत की आर्थिक यात्रा में एक मजबूत स्तंभ बन रही है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह बयान न केवल काशी की बदलती छवि को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारत के पारंपरिक शहर अब आधुनिक आर्थिक संरचना में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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