CoinDCX के फाउंडर्स पर FIR: ₹71 लाख की ठगी या 1200+ फर्जी वेबसाइट्स का जाल? जानें सच
क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर्स सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल के खिलाफ मुंबई में FIR दर्ज की गई है। कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है और इसे 'फेक वेबसाइट' के जरिए की गई ठगी बताया है। पूरी खबर और कंपनी का आधिकारिक बयान यहाँ पढ़ें।

FIR against CoinDCX founders
CoinDCX फाउंडर्स पर FIR: क्या है पूरा मामला?
भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज 'कॉइनडीसीएक्स' (CoinDCX) के को-फाउंडर्स सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल एक कानूनी विवाद में फंस गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई पुलिस ने धोखाधड़ी और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों के बाद दोनों संस्थापकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। बताया जा रहा है कि 21 मार्च 2026 को मुंबई के मुंब्रा पुलिस स्टेशन में दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी गिरफ्तारी का दावा भी किया गया है, हालांकि कंपनी ने इन दावों को गलत और भ्रामक बताया है।
₹71 लाख की ठगी और फर्जी वेबसाइट का जाल
इस पूरे मामले की जड़ एक 42 वर्षीय बीमा सलाहकार (Insurance Consultant) की शिकायत है। पीड़ित का आरोप है कि एक वेबसाइट के माध्यम से उनके साथ ₹71 लाख की ठगी की गई, जो कथित तौर पर CoinDCX होने का दावा कर रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, जिस वेबसाइट के जरिए यह धोखाधड़ी हुई, उसका यूआरएल (URL) coindcx.pro था। यह मूल CoinDCX प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि उससे मिलती-जुलती एक 'इम्पर्सनेटर' (छद्म) वेबसाइट थी। पीड़ित ने कंपनी से संपर्क करने के बजाय सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिससे फाउंडर्स भी हैरान रह गए।
CoinDCX का आधिकारिक पक्ष: "यह एक साजिश है"
CoinDCX ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने कहा:
- दावे झूठे हैं: कंपनी ने फाउंडर्स के खिलाफ लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों को 'झूठे दावे' करार दिया है।
- इम्पर्सनेटर्स का हाथ: कंपनी का कहना है कि जालसाज CoinDCX के नाम और फाउंडर्स की पहचान का गलत इस्तेमाल करके जनता को ठग रहे हैं।
- फर्जी वेबसाइटों की बाढ़: CoinDCX ने खुलासा किया कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच उन्होंने 1,212 ऐसी फर्जी वेबसाइटों की पहचान कर उनकी रिपोर्ट की है, जो कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रही थीं।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि जिस लेनदेन या कैश ट्रांसफर का जिक्र FIR में है, उसका CoinDCX के खातों से कोई लेना-देना नहीं है।
जांच में सहयोग का वादा
क्रिप्टो यूनिकॉर्न कंपनी ने कहा है कि वे मामले की जांच कर रही कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर एक सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें ग्राहकों को फर्जी प्लेटफार्मों से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।
CoinDCX का ट्रैक रिकॉर्ड और पिछला विवाद
2018 में स्थापित CoinDCX भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो प्लेटफार्मों में से एक है, जिसके पास 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी ने ₹1.7 करोड़ का शुद्ध लाभ और ₹559.6 करोड़ का परिचालन राजस्व दर्ज किया था।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कंपनी विवादों में रही है। पिछले साल, एक्सचेंज एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुआ था, जिसमें हैकर्स ने कंपनी के आंतरिक परिचालन खाते से लगभग $44 मिलियन (करीब ₹365 करोड़) मूल्य की संपत्ति चुरा ली थी।
निवेशकों और जनता के लिए संदेश
सरकार और विशेषज्ञों ने बार-बार चेतावनी दी है कि क्रिप्टो संपत्तियों में निवेश करते समय यूआरएल की जांच करना और आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करना अनिवार्य है। 'coindcx.pro' जैसी वेबसाइटें अक्सर असली दिखने वाले इंटरफेस का उपयोग करती हैं ताकि लोगों को फंसाया जा सके।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में कंपनी के स्तर पर कोई लापरवाही हुई है या यह पूरी तरह से बाहरी साइबर अपराधियों का काम है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
