एक ही घर में पले-बढ़े, लेकिन फीफा विश्व कप 2026 में अलग-अलग मुल्कों के लिए खेलेंगे यह भाई, इतिहास में दर्ज होगी यह भिड़ंत
टूर्नामेंट में शामिल सात सगे भाइयों की जोड़ियों में से चार जोड़ियां पारिवारिक पृष्ठभूमि और फीफा नियमों के तहत अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों का करेंगी प्रतिनिधित्व।

मैदान पर गले मिलते डेरिक लुकासेन और ब्रायन ब्रॉबी, तथा ट्रॉफी के साथ पोज देते इनाकी और निको विलियम्स।
विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच फीफा विश्व कप 2026 न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता और कड़े मुकाबलों के लिए जाना जाएगा, बल्कि इस बार इसमें मानवीय भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों का एक अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा। इस वैश्विक महाकुंभ में भाग ले रही 48 टीमों के बीच कई ऐसी कहानियां उभरकर सामने आ रही हैं, जो खेल प्रेमियों को हैरान करने के साथ-साथ भावुक भी कर रही हैं। इस बार टूर्नामेंट में सात भाइयों की ऐसी जोड़ियां हिस्सा ले रही हैं जो विश्व कप की मुख्य टीमों में शामिल हैं, लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि इनमें से चार जोड़ियां ऐसी हैं जो एक-दूसरे के खिलाफ अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और दोहरी नागरिकता के जटिल नियमों के कारण यह अनोखा संयोग खेल जगत के सामने आया है। इनमें पहला प्रमुख नाम घाना और नीदरलैंड्स के बीच बंटे भाइयों का है। घाना मूल के माता-पिता की संतान डेरिक लुकासेन को चोटिल खिलाड़ी के विकल्प के रूप में घाना की टीम में शामिल किया गया है, जबकि उनके छोटे भाई ब्रायन ब्रॉबी नीदरलैंड्स की अग्रिम पंक्ति में स्ट्राइकर के तौर पर गोल दागने की जिम्मेदारी संभालेंगे। दूसरी कहानी डिफेंडर भाइयों जॉन साउटार और हैरी साउटार की है, जिनका जन्म स्कॉटलैंड में हुआ था। पिता के स्कॉटिश और मां के ऑस्ट्रेलियाई होने के नाते जॉन इस बार स्कॉटलैंड की रक्षापंक्ति संभाल रहे हैं, वहीं उनके सगे भाई हैरी ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलते दिखाई देंगे।
इसी तरह की एक बेहद चर्चित कहानी स्पेन और घाना के बीच की है। स्पेनिश फुटबॉल क्लब एथलेटिक बिलबाओ के लिए एक साथ खेलने वाले निको विलियम्स और इनाकी विलियम्स इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोधी बन चुके हैं। छोटे भाई निको विलियम्स यूरो 2024 की विजेता स्पेनिश टीम के मुख्य विंगर हैं, वहीं बड़े भाई इनाकी विलियम्स साल 2022 से ही अपने माता-पिता के मूल देश घाना के लिए खेल रहे हैं। चौथी जोड़ी फ्रांस के डेसिरे डौए और आइवरी कोस्ट के गुएला डौए की है। फ्रांसीसी मूल की मां और आइवोरियन पिता की इन संतानों के पास दोनों देशों की नागरिकता है, जिसके कारण पीएसजी के विंगर डेसिरे फ्रांस की जर्सी में दिखेंगे और उनके बड़े भाई गुएला आइवरी कोस्ट के लिए मैदान पर पसीना बहाएंगे।
फीफा के आधिकारिक नियमों के अनुसार यदि किसी खिलाड़ी के माता-पिता या दादा-दादी का जन्म किसी देश में हुआ हो, अथवा खिलाड़ी के पास वहां की वैध नागरिकता हो, तो वह उस देश की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए पात्र माना जाता है। इसी कानूनी प्रावधान के चलते यह भाई अलग-अलग देशों की टीम का हिस्सा बन सके हैं। इसके विपरीत, इस टूर्नामेंट में तीन ऐसी जोड़ियां भी हैं जो एक ही देश के गौरव के लिए एकजुट होकर खेलेंगी, जिनमें फ्रांस के थियो और लुकास हर्नांडेज, कुराकाओ के जुनिन्हो और लिएंड्रो बाकुना, तथा काबो वर्डे के डेरॉय और लारोस डुआर्टे शामिल हैं। यह आयोजन साबित करता है कि फुटबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि वैश्विक सीमाओं को लांघकर परिवारों को नए ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा करने वाला एक महामंच है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
