प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और बार-बार सामने आने वाली पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए एक उच्च-स्तरीय बहु-विषयक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बनाई गई इस महत्वपूर्ण समिति की कमान जाने-माने प्रौद्योगिकी उद्यमी और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। यह टास्क फोर्स सरकारी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया में संरचनात्मक और तकनीकी सुधार लाने के लिए ठोस सुझाव और सिफारिशें तैयार करेगी।

इस छह सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति में देश के विभिन्न क्षेत्रों के जाने-माने दिग्गज और विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं, जो अपने-अपने डोमेन में विशेष विशेषज्ञता रखते हैं। समिति के प्रमुख नंदन नीलेकणि खुद भारत के डिजिटल पहचान कार्यक्रम यानी 'आधार' के मुख्य वास्तुकार और तकनीक के क्षेत्र के दिग्गज माने जाते हैं। उनके साथ इस पैनल में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले और इसरो के पूर्व चेयरमैन तथा अंतरिक्ष विभाग के सचिव रह चुके डॉ. एस. सोमनाथ भी शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों में लंबा अनुभव रखने वाले भारतीय पुलिस सेवा के 1988 बैच के अधिकारी तथा खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन कुमार डेका को भी इस टास्क फोर्स का सदस्य बनाया गया है।

शैक्षणिक और अनुसंधान जगत का प्रतिनिधित्व करने के लिए इस पैनल में आईआईटी मद्रास के निदेशक और कंप्यूटर विज्ञानी प्रोफेसर वी. कामाकोटी को भी शामिल किया गया है, जो कंप्यूटर आर्किटेक्चर, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञ माने जाते हैं। इसके साथ ही, प्रशासनिक और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का गहरा अनुभव रखने वाली गुजरात कैडर की 1988 बैच की पूर्व आईएएस अधिकारी अनीता करवाल को भी इस समिति की जिम्मेदारी दी गई है, जिन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। पैनल के छठे सदस्य के रूप में बिहार के मुख्य सचिव और कोयला मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्य कर चुके तथा प्रशासन एवं लॉजिस्टिक्स के विशेषज्ञ माने जाने वाले 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा को नियुक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार गठित यह टास्क फोर्स मुख्य रूप से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए (NTA) की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक या धांधली को रोकने के लिए पुख्ता उपाय सुझाएगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रश्नपत्रों की छपाई और सुरक्षा से लेकर, परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों के बायोमेट्रिक सत्यापन और परिणाम प्रसंस्करण तक की हर कड़ी को फुल-प्रूफ बनाना है। यह पैनल ऐसे उन्नत डिजिटल समाधानों और तकनीकों की जांच करेगा, जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षा के एक नए स्तर पर ले जा सकें।

इस टास्क फोर्स के गठन को देश की शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। देश की शीर्ष प्रशासनिक, तकनीकी और सुरक्षा हस्तियों के इस संयुक्त प्रयास से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सरकारी परीक्षाएं पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिहीन हो सकेंगी, जिससे युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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