मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 500 थानों में शुरू की हेल्प डेस्क और विशेष महिला दस्ता।

पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए ‘दुर्गा सुरक्षा दस्ता’ का औपचारिक उद्घाटन किया है। इसके साथ ही राज्य के 500 थानों में विशेष महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है, जो महिलाओं की सुरक्षा और उनके प्रति होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य करेगी। यह पहल राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि महिलाएं भयमुक्त वातावरण में अपना जीवन यापन कर सकें।

राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस नई पहल के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस संबंध में राज्य सरकार की नीति 'जीरो टॉलरेंस' यानी 'कतई बर्दाश्त नहीं करने' की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज के दौर में एक महामारी की तरह उभर रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए प्रत्येक थाने में साइबर सहायता डेस्क की स्थापना अनिवार्य कर दी गई है। इन सहायता डेस्क के माध्यम से साइबर अपराधों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा और इसके लिए पुलिसकर्मियों को आधुनिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

‘दुर्गा सुरक्षा दस्ता’ पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित एक विशेष पुलिस बल है, जिसका संचालन पूरी तरह से महिला पुलिसकर्मियों द्वारा किया जाएगा। इस दस्ते की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें शामिल महिला पुलिसकर्मियों की ड्रेस पिंक रखी गई है, जो इन्हें सामान्य पुलिस बल से अलग एक विशेष पहचान प्रदान करती है। इन महिला पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे विषम परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से कार्य कर सकें। ये पुलिसकर्मी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर चौबीसों घंटे गश्त करेंगी। इनका मुख्य कार्य स्कूलों, कॉलेजों, मंदिरों और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखना है, ताकि महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी और अन्य सार्वजनिक उपद्रवों जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

राज्य के सभी 23 जिलों को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत पांच डिवीजनों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रेसिडेंसी, बर्धमान, मेदिनीपुर, मालदा और जलपाईगुड़ी शामिल हैं। दुर्गा सुरक्षा दस्ते की तैनाती इन सभी क्षेत्रों में की जा रही है, ताकि सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को सख्त बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है और उनके लिए थानों में हेल्प डेस्क की सुविधा 24/7 उपलब्ध रहेगी।

यह पहल बीजेपी के संकल्प पत्र में किए गए उस वादे का हिस्सा है, जिसके तहत सत्ता में आने के बाद महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में यह कदम न केवल महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और निडर बनाने की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास है। राज्य सरकार का मानना है कि दुर्गा सुरक्षा दस्ते और हेल्प डेस्क की उपस्थिति से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का एक नया सेतु भी निर्मित होगा, जो बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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