सुप्रीम कोर्ट में धर्म का अनादर ; CJI की कोर्ट में हुई तकरार
6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में धर्म के नाम पर बड़ा हंगामा हुआ। सुनवाई के दौरान वकील और CJI गवई के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि वकील ने जूता तक निकाला...

सोमवार 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस B. R. Gavai के सामने पुरे कोर्ट में एक वकील ने हंगामा खड़ा किया। जिससे पुरे कोर्ट का कामकाज आहत हुआ। यह विवाद इतना गरमाया की उस वकील ने CJI के सामने जूता तक निकलने की कोशिश की। साथ ही जब उनके इस आचारण पर सुरक्षाकर्मियोंने उन्हें बाहर निकलना चाहा तब उन्होंने 'सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान' ऐसी नारेबाजी की। यह घटना सुबह करीबन 11 बजे की है। तो आईये जानते है कोर्ट में क्या हुआ और क्या है इस घटना का मुख्य कारण है।
CJI Gavai ने कुछ दिनों पहले ही खजुराहो के मंदिर में भगवान विष्णु की 7 फ़ीट ऊँची मूर्ती के पुनर्रचना के मामले में एक टिपणी की थी। जिस टिपणी का काफी विरोध हुआ था। इस मामले से जुडी याचिका को ख़ारिज करते हुए CJI ने याचिकाकर्ता को प्रार्थना करने की सलाह दी। उन्होंने कहा की , "यह मुकदमा कोर्ट ख़ारिज करता है। जाओ और इस मामले में भगवान को ही कुछ करने के लिए कहना। आप कहते हो की आप भगवान विष्णु के कट्टर भक्त हो, तो अब जाओ और उनसे प्रार्थना करो। यह एक पुरातन वास्तु है, यह पुरतत्विक स्थल है जो ASI के अंतर्गत आता है।इसलिए उनकी अनुमति भी महत्वपूर्ण है। "
CJI के खजुराहोवाले टिप्पणी के बाद सोशल मिडिया के प्लाटफॉर्मस पर बड़ी अफरातफरी मची। जिसके कारण CJI को बहुत बड़े पैमाने पर ट्रोल किया गया था। कई यूजर्स ने तो CJI Gavi पर धार्मिक भावनाओं का अनादर और हनन करने का भी आरोप लगाया था। इस मामले के २ दिन बाद ही गवई ने आपना बयान सामने रखा। जिसमे उन्होंने कहा " मै सभी धर्मों का सन्मान करता हु। किसी के भावनाओं को ठेच पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था। "
सुप्रीम कोर्ट में हुए हंगामे पर केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आजकल किसी भी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। मेहता ने हल्के अंदाज में कहा कि न्यूटन का नियम तो समान प्रतिक्रिया की बात करता है, लेकिन अब सोशल मीडिया पर हर क्रिया पर “असमानुपातिक प्रतिक्रिया” होने लगी है। माना जा रहा है कि अदालत में हंगामा करने वाला वकील भी सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से आधीन होकर भड़क गया था और गुस्से में आकर उसने यह हरकत कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद CJI गवई ने शांत रहते हुए कोर्ट की कार्यवाही जारी रखने का निर्देश दिया और कहा कि ऐसी घटनाओं से वह प्रभावित नहीं होते।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
