रविवार तड़के आवासीय इमारत में हुए धमाके के बाद फैली आग, रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद नहीं बचाई जा सकी नौ जानें।

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का विवेक विहार इलाका रविवार तड़के एक ऐसी हृदयविदारक घटना का गवाह बना, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक आवासीय सह व्यावसायिक इमारत में एयर कंडीशनर (AC) फटने से लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयावह अग्निकांड में अब तक नौ लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह घटना उस समय हुई जब लोग गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें संभलने या बाहर निकलने का न्यूनतम अवसर भी नहीं मिल सका।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब तड़के साढ़े तीन से चार बजे के बीच विवेक विहार स्थित एक रिहायशी ब्लॉक की इमारत से अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक दहल गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इमारत की एक मंजिल पर लगे एसी यूनिट में हुआ था। धमाके के तुरंत बाद आग ने पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि इमारत में वेंटिलेशन की कमी और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी थी, इसलिए आग तेजी से ऊपर की मंजिलों की ओर फैल गई।

दमकल विभाग को घटना की सूचना मिलते ही करीब 15 से अधिक फायर टेंडर मौके पर रवाना किए गए। संकरी गलियां और इलाके में बढ़ती भीड़ के कारण शुरुआती दौर में राहत और बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद खिड़कियां तोड़कर और सीढ़ियों के सहारे इमारत के भीतर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था; धुएं के गुबार के कारण दम घुटने और आग की तपिश से लोग अचेत अवस्था में पड़े थे। रेस्क्यू टीम ने तुरंत घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भर्ती किए गए कई घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, क्योंकि वे 50 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हैं और धुएं के कारण उनके फेफड़ों में संक्रमण की आशंका है।

प्रशासनिक और कानूनी दृष्टिकोण से, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का पालन किया जा रहा था या नहीं। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं ताकि ब्लास्ट के सटीक कारणों और आग फैलने की कड़ियों को जोड़ा जा सके। दिल्ली सरकार ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की घोषणा की संभावना जताई है।

यह अग्निकांड एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गर्मियों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मामूली सा तकनीकी फॉल्ट कैसे नौ परिवारों की खुशियां उजाड़ सकता है, यह घटना उसका जीता-जागता उदाहरण है। विवेक विहार में पसरा सन्नाटा और अपनों को खो चुके परिजनों का विलाप इस त्रासदी की गहराई को बयां कर रहा है। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र स्थापित करने की है।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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