दिल्ली में बड़ा आतंकी हमला टला! पाकिस्तान समर्थित 2 मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार|
दिल्ली में पेट्रोल बम से हमले और हथियारों की तस्करी की बड़ी साजिश को स्पेशल सेल ने नाकाम करते हुए 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था के तहत राजधानी में सड़कों पर बैरिकेडिंग के साथ तैनात हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी में बड़ी आतंकी साजिश को विफल करते हुए पाकिस्तान समर्थित दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के तहत छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आकाओं के इशारे पर दिल्ली में हमले की तैयारी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और इनका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना और अवैध हथियारों की तस्करी करना था।
जांच में सामने आया है कि इन संदिग्धों को पाकिस्तान से सीधे निर्देश मिल रहे थे। पहला मॉड्यूल पेट्रोल बम का उपयोग करके दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण सरकारी या पुलिस प्रतिष्ठान पर हमला करने की योजना बना रहा था। इस मॉड्यूल के दो सदस्यों, दानिश उर्फ चांद मिया और सलमान को विजय घाट इलाके से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से तीन पेट्रोल बम, चोरी की मोटरसाइकिल, नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पूछताछ में दानिश ने खुलासा किया कि वह इस साल अप्रैल में सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित राणा हुनैन के संपर्क में आया था। उसे दिल्ली में संभावित ठिकानों की टोह लेने और हमले के बाद वीडियो रिकॉर्ड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हमले को अंजाम देने के लिए उसे 20,000 रुपये का लालच दिया गया था।
वहीं, दूसरा मॉड्यूल हथियारों की तस्करी में लिप्त था, जिसका संचालन पाकिस्तान में बैठा हसन गुज्जर कर रहा था। यह समूह ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से आए अत्याधुनिक हथियारों को भारत में प्राप्त करने और उन्हें बेचने का काम करता था। इस मॉड्यूल के चार सदस्यों - तैय्यब, जुबैर खान, अली फज़ल और मल्कियत सिंह को दिल्ली और अमृतसर से गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से तीन पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई दो कारों को भी जब्त किया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हालांकि दोनों मॉड्यूल अलग-अलग आकाओं के तहत काम कर रहे थे, लेकिन अंततः वे शहजाद भट्टी के गिरोह से संबंधित थे। पुलिस ने बताया कि इन समूहों के पास से बरामद मोबाइल फोन्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ उनकी मिलीभगत के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित बड़े हमले को समय रहते रोक दिया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
