दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली मेट्रो सेवा में एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे व्यस्त और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशनों में से एक, राजीव चौक पर यात्रियों के भारी दबाव को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। इस नए मेगा प्रोजेक्ट के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद यात्रियों को लाइनों को बदलने या इंटरचेंज करने के लिए अनिवार्य रूप से राजीव चौक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में चार नए रणनीतिक इंटरचेंज स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जो यात्रियों को एक सुगम, वैकल्पिक और समय बचाने वाला मार्ग प्रदान करेंगे, जिससे राजीव चौक स्टेशन पर दशकों से बनी रहने वाली भारी भीड़ काफी हद तक डायवर्ट हो जाएगी।

इस पूरी योजना का मुख्य केंद्र बिंदु सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर है, जिस पर वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह नया कॉरिडोर विशेष रूप से इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम मार्ग तक के मार्ग को कवर करेगा। कुल 9.9 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की भौगोलिक रूपरेखा को इस तरह तैयार किया गया है कि यह दिल्ली के सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक और प्रशासनिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा। इस कॉरिडोर के भीतर चार बड़े इंटरचेंज स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जो मौजूदा मेट्रो नेटवर्क की ब्लू, येलो और मैजेंटा लाइनों के बीच एक सीधा जुड़ाव स्थापित करेंगे। इस ढांचागत सुधार से यात्रियों को राजीव चौक स्टेशन के भीतर प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्य के लिए ट्रेन बदलने की सुविधा मिल सकेगी।

इस नए रेल नेटवर्क की तकनीकी विशिष्टताओं और रूट कनेक्टिविटी पर गौर करें तो सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर कुल नौ स्टेशनों से होकर गुजरेगा, जिनमें से चार प्रमुख स्टेशन इंटरचेंज के रूप में कार्य करेंगे। इन चार चिह्नित स्टेशनों में केंद्रीय सचिवालय, आरके आश्रम मार्ग, इंद्रप्रस्थ और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं। इस परियोजना के तहत राजीव चौक और शिवाजी स्टेडियम के बीच एक अत्याधुनिक डेडिकेटेड सबवे का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसकी सहायता से यात्री एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन, येलो लाइन और ब्लू लाइन के बीच बहुत आसानी से इंटरचेंज कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, नोएडा और वैशाली की तरफ से आने वाले यात्री जो सेंट्रल विस्टा क्षेत्र की ओर जाना चाहते हैं, वे अब सीधे इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर ही अपनी लाइन बदल सकेंगे, जबकि द्वारका और पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए आरके आश्रम मार्ग पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।

राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही के आधिकारिक आंकड़े इसकी वर्तमान स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। डीएमआरसी के ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, कश्मीरी गेट के बाद राजीव चौक पूरे मेट्रो नेटवर्क का दूसरा सबसे व्यस्त स्टेशन बना हुआ है। साल 2023 में यहाँ रोजाना औसतन 3.5 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई थी, जो साल 2024 में बढ़कर 3.7 लाख और साल 2025 में रिकॉर्ड 3.8 लाख यात्रियों तक पहुंच गई। इस लगातार बढ़ते दबाव के कारण पीक ऑवर्स के दौरान स्टेशन प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना एक बेहद जटिल कार्य बन चुका था, जिसका स्थायी समाधान इस नए कॉरिडोर के रूप में निकाला गया है।

आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इस नए कॉरिडोर का जमीनी निर्माण कार्य पिछले दिनों 25 मार्च से शुरू किया जा चुका है। सुरक्षा मानकों और यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस पूरी लाइन के प्लेटफॉर्म्स को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है जहाँ 6-कोच वाली मेट्रो ट्रेनें बिना किसी तकनीकी बाधा के संचालित हो सकें। डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने से न केवल आम जनता का यात्रा समय घटेगा बल्कि दिल्ली के प्रमुख सरकारी कार्यालयों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और बड़े कन्वेंशन सेंटर्स तक सीधी पहुंच स्थापित होगी। यह लाइन कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल, दिल्ली हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, सुप्रीम कोर्ट और भारत मंडपम जैसी बेहद महत्वपूर्ण जगहों को आपस में सीधे जोड़ेगी।

इस मेगा प्रोजेक्ट का एक और महत्वपूर्ण पहलू मैजेंटा लाइन का अभूतपूर्व विस्तार है। सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की परिचालन और रखरखाव संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मजलिस पार्क के समीप एक नया डेडिकेटेड मेट्रो डिपो बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस नए कॉरिडोर के पूरी तरह से एकीकृत होने के बाद मैजेंटा लाइन की कुल परिचालन लंबाई बढ़कर 88.4 किलोमीटर हो जाएगी, जो इसे दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क की सबसे लंबी सिंगल मेट्रो लाइन बना देगी। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक पूरी तरह से अत्याधुनिक ड्राइवरलेस (चालक रहित) तकनीक पर आधारित कॉरिडोर के तौर पर संचालित होगी, जो नोएडा, दक्षिण दिल्ली और मध्य दिल्ली के लाखों दैनिक यात्रियों को एक सुरक्षित, आधुनिक और निर्बाध सफर का अनुभव प्रदान करेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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