दिवाली के पावन त्योहार से ठीक पहले राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चावड़ी बाजार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ एक 3 मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर ढह गई है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 2 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

इमारत ढहने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

नई दिल्ली के व्यस्त इलाके चांदनी चौक के चावड़ी बाजार में हुई इस दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। दिल्ली पुलिस ने इस हादसे में 2 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। राहत और बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए दमकल विभाग की 6 गाड़ियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया।

अधिकारियों के अनुसार, मलबे के नीचे कुछ और लोगों के भी दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह तीन मंजिला इमारत आखिर किस वजह से ढही है।

इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इससे पहले 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से छात्रों समेत 7 लोगों की जान चली गई थी। उस समय 27 लंबे घंटों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के तमाम दावों और सुरक्षा के आश्वासनों के बावजूद राजधानी में इस तरह के हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

आप नेता सौरव भारद्वाज ने उठाए सवाल और सरकार को घेरा

इस दर्दनाक हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता सौरव भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि चांदनी चौक के चावड़ी बाजार में एक और 3 मंजिला इमारत ढह गई है और मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

सौरव भारद्वाज ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और एमसीडी द्वारा दिल्ली की सभी इमारतों का कई बार सेफ्टी ऑडिट कराया जा चुका है, फिर भी ऐसी दुर्घटनाएं क्यों हो रही हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार ऑडिट के आदेश तो दिए जाते हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई करने के बजाय विभिन्न विभागों द्वारा कथित तौर पर रिश्वत ली जाती है, और यही कारण है कि हर महीने इमारतें मलबे में तब्दील हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्वत न देने पर मनमाने तरीके से नियमों का हवाला देकर इमारतों को सील किया जा रहा है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story