राजधानी दिल्ली में दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही प्रदूषण एक बार फिर कहर बरपाने लगा है। कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता का स्तर (AQI) खतरनाक रूप से 300 के पार पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद वायु प्रदूषण में लगातार हो रही वृद्धि आम लोगों और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर’ ऐप के मुताबिक, दिल्ली के कुल 54 निगरानी केंद्रों में से 31 जगहों पर हवा की स्थिति ‘खराब’ दर्ज की गई है, जबकि तीन प्रमुख केंद्रों पर यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में क्या है AQI का हाल?

शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया है। आइए जानते हैं कि दिल्ली के प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता (AQI) किस स्थिति में है:

AQI स्तर

  • शहादरा- 459
  • सोनिया विहार- 457
  • नई दिल्ली- 399
  • सफदरजंग एनक्लेव- 398
  • पंजाबी बाग- 391
  • साकेत- 378
  • आईटीओ- 349
  • रोहिणी- 326
  • लक्ष्मी नगर- 253
  • आनंद विहार- 179

प्रतिबंधों के बाद भी हवा में सुधार नहीं

दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर से ही बीएस-6 (BS-VI) मानकों से नीचे की बाहरी गाड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, कई इलाकों में अनावश्यक निर्माण कार्यों पर भी रोक है। इन तमाम कोशिशों के बावजूद हवा साफ होने का नाम नहीं ले रही है। जानकारों का मानना है कि यदि दिवाली के दौरान आतिशबाजी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं रखा गया, तो आने वाले दिनों में एक्यूआई का स्तर और भी अधिक खतरनाक स्थिति में पहुंच सकता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

सीमाओं पर सख्त निगरानी और गाड़ियों की चेकिंग

प्रदूषण नियंत्रण नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर विशेष टीमों को तैनात किया गया है। दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर, आया नगर बॉर्डर, अप्सरा बॉर्डर और सीमापुरी जैसी प्रमुख जगहों पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट एनफोर्समेंट की टीमें मुस्तैद हैं।

विशेष तौर पर गुरुग्राम और अन्य जगहों से दिल्ली आने वाले वाहनों की कड़ी जाँच की जा रही है। इस दौरान गाड़ियों की नंबर प्लेट और उनके प्रदूषण मानकों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। यदि चेकिंग के दौरान कोई भी वाहन निर्धारित बीएस-6 मानक से नीचे का पाया जाता है, तो उसे बिना दिल्ली में प्रवेश दिए तुरंत वापस लौटाया जा रहा है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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