देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है। गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) 'मुरासु' का लैंडफॉल शुरू हो चुका है और आधी रात को इसका केंद्र दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को छूने लगा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात के तट से टकराने की यह प्रक्रिया रात 1 बजे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में शुरू हुई।

आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों पर भारी बारिश और तूफानी हवाओं का खतरा

इस भीषण चक्रवाती तूफान के असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ-साथ अत्यंत तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस गंभीर खतरे को भांपते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी दिखाई है और संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि चक्रवात के 'वॉल क्लाउड' (दीवार वाले बादलों) का एक हिस्सा जमीन के अंदर प्रवेश कर चुका है, जबकि इसका मुख्य केंद्र तट को छू रहा है। 'मुरासु' वर्तमान में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के बेहद करीब है और लगातार आगे बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चेन्नई और मछलीपट्टनम में स्थापित 'डॉपलर वेदर रडार' के जरिए इस पूरे मौसमी तंत्र पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रहें और यह सुनिश्चित करें कि इस चक्रवात के दौरान किसी भी व्यक्ति की जान न जाए।

फ्लाइट्स कैंसल और यातायात पर बुरा असर

चक्रवात के विकराल रूप का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। एहतियात के तौर पर उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। चक्रवात 'मुरासु' के कारण चेन्नई हवाई अड्डे से आने-जाने वाली कम से कम 11 उड़ानें और विजयवाड़ा हवाई अड्डे की 19 उड़ानें पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं।

तमिलनाडु में स्कूल-कॉलेज बंद और ऑरेंज अलर्ट

तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षात्मक कदम उठा लिए हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) द्वारा चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल और कॉलेज बंद रखने की घोषणा की है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तरी तमिलनाडु के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और आपदा प्रबंधन की मानक प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।

ओडिशा में 33 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

ओडिशा सरकार ने भी इस आपदा से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की है और पांच दक्षिणी जिलों से 33 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, साथ ही वहां आपदा मोचन बलों को भी तैनात कर दिया गया है। राज्य अभी पिछले सप्ताह आए चक्रवात 'अर्नब' से हुई तबाही से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था, जिसमें बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम छह लोगों की जान चली गई थी। विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश पी पाटिल ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से लगातार जारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है, इसलिए लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया है।

आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जानकारी दी है कि इस चक्रवात के कारण राज्य के आठ जिलों—गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और पुरी—में भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन ने करीब 3.33 लाख लोगों को ठहराने के उद्देश्य से 1,139 राहत शिविर तैयार किए हैं, जहां सभी जरूरी सुविधाएं जुटाई गई हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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