Baramati airport accident Update : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने 28 जनवरी को बारामती हवाई अड्डे पर हुए दर्दनाक विमान हादसे की निष्पक्ष जांच को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक कड़े पत्र में, रोहित पवार ने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया है कि जब तक इस हाई-प्रोफाइल हादसे की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक मंत्री को अपने पद से हट जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

हादसे की भयावहता और जांच पर उठते सवाल :

ज्ञात हो कि 28 जनवरी को बारामती में एक लियरजेट (Learjet) विमान क्रैश हो गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस भीषण दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, दो पायलट, एक केबिन क्रू सदस्य और एक स्टाफ सदस्य की दुखद मृत्यु हो गई थी। अब इस मामले में रोहित पवार ने गंभीर वित्तीय हितों के टकराव (Conflict of Interest) का आरोप लगाया है।

रोहित पवार के दावों के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू के पारिवारिक फर्म और विमान का संचालन करने वाली कंपनी 'वीएसआर वेंचर्स' (VSR Ventures) के बीच घनिष्ठ वित्तीय संबंध हैं। उन्होंने यह भी चिंता जताई है कि विमान का 'कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर' (CVR) क्षतिग्रस्त पाया गया है, जिससे तकनीकी साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वीएसआर वेंचर्स द्वारा अतीत में किए गए सुरक्षा उल्लंघनों का भी हवाला दिया है।

आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर :

इस मामले में कानूनी और आधिकारिक पक्ष रखते हुए, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) वर्तमान में जांच का नेतृत्व कर रहा है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • वित्तीय संबंध : मंत्री के परिवार और ऑपरेटर कंपनी के बीच कथित लेन-देन की जांच।
  • तकनीकी विफलता : क्षतिग्रस्त कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से डेटा रिकवरी की चुनौतियां।
  • ऑपरेटर का इतिहास : वीएसआर वेंचर्स के पिछले सुरक्षा रिकॉर्ड और नियमों का उल्लंघन।

दूसरी ओर, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सूत्रों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने रोहित पवार के दावों को पूरी तरह निराधार और "राजनीति से प्रेरित" करार दिया है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी तरह पेशेवर तरीके से चल रही है और फरवरी के अंत तक प्रारंभिक रिपोर्ट आने की संभावना है।



राजनीतिक भविष्य पर प्रभाव :

यह घटनाक्रम न केवल महाराष्ट्र की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विमानन सुरक्षा मानकों पर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। एक उपमुख्यमंत्री की मृत्यु से जुड़े इस मामले में यदि निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक साख को प्रभावित करेगा। सबकी निगाहें अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और AAIB की आगामी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हादसे के पीछे की असली सच्चाई और संभावित साजिश या लापरवाही का पर्दाफाश करेगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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