उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या के अपने दौरे के दौरान राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े हालिया विवादों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। अयोध्या में 291 करोड़ रुपये की लागत वाली 245 विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी प्रकार के विवाद या चंदे से संबंधित आरोपों की सच्चाई सामने लाकर ही दम लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन कर दिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बहुत जल्द 'दूध का दूध और पानी का पानी' होकर रहेगा, जिससे सारा सच जनता के सामने आ जाएगा। मुख्यमंत्री ने उन सभी लोगों से अपील की जिनके पास मामले से संबंधित कोई भी ठोस सबूत या दस्तावेज मौजूद हैं, उन्हें वे तुरंत एसआईटी को सौंपें ताकि जांच में तेजी और पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने राम भक्तों से भी संयम बरतने की अपील की और कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की बयानबाजी से बचें ताकि प्रक्रिया प्रभावित न हो।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर भगवान श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया था, वही पार्टी आज मंदिर के नाम पर राजनीति करने और माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस सरकार के कार्यकाल में राम भक्तों पर गोलियां चलवाई गई थीं, आज वही लोग अयोध्या को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। सीएम योगी ने साफ किया कि सरकार अयोध्या की गरिमा के खिलाफ रची जा रही किसी भी साजिश को कतई कामयाब नहीं होने देगी।

पुराने दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता यह कभी नहीं भूलेगी कि किस प्रकार से पूर्व की सरकारों ने अयोध्या की उपेक्षा की और राम भक्तों के साथ कैसा व्यवहार किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 2017 से पहले की सरकारों के पास वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा लगाने या महापुरुषों का सम्मान करने के लिए समय नहीं था। उस समय की सरकारें केवल कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने जैसे कार्यों में ही उलझी रहती थीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमेशा वीरों और अयोध्या का अपमान किया, वे आज मंदिर के मुद्दे पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में दोहराया कि विकास और आस्था का सम्मान ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है। अयोध्या में चल रहे निर्माण कार्य और विकास परियोजनाओं का उद्देश्य इस तीर्थ नगरी को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार कानून के दायरे में रहकर पूरी पारदर्शिता के साथ इस पूरे प्रकरण का निपटारा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story