मौलाना रजा पर भड़के सीएम योगी; कहा "मौलाना भूल गया . .."
'आई लव मोहम्मद' बैनर के खिलाफ शिकायत होने के बाद, भारत के कई जगहों पर प्रदर्शन किए जा रहे थे। 26 सितम्बर को बरेली में इस प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया।

उत्तर प्रदेश: 4 सितम्बर 2025 को कानपूर में 'बरावफात ईद-ए-मिलाद-उन-नबी जुलूस', रावतपुर इलाके में शुरू हुआ था। और इस जुलुस के रास्ते पर एक बैनर लगाया गया था, जिसपे 'आई लव मोहम्मद' लिखा था। इस बैनर के कारण कुछ लोगों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। शिकायत के बाद पुलिस ने इसे हटाने का आदेश दिया, पर इससे हालात और बिगड़ गए।
कानपूर पुलिस ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें से बहुत से लोगों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप है।
इस विवाद के बाद, पुरे भारत में ये बात फैल गई और कई शहरों में जुलुस निकाले गए। और इन सब के बीच, बरेली में 26 सितम्बर को एक बड़ा हादसा हो गया। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने 'आई लव मोहम्मद' के समर्थन में सभी से प्रदर्शन करने का अनुरोध किया था। और इस जुलुस को जिलाधिकारी कार्यालय तक, ले जाने के लिए पीएम मोदी को एक संक्षिप्त लिखित संदेश देने की योजना बनाई थी। लेकिन प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण ये योजना रद्द कर दी गई। हालांकि रजा ने चुनौती दी कि प्रदर्शन किसी भी हालत में किया जाएगा।
26 सितम्बर 2025 को जुम्मे की नमाज़ के बाद सैकड़ों लोग इस्लामिआ मैदान में आ गए, और यहाँ "आई लव मोहम्मद' के बैनर लहराए गए और नारे लगाए गए। भीड़ के ज़्यादा होने पर जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। और पथराव के बाद झड़प में हवाई गोलीबारी हुई, जिसके कारण 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस का प्रयोग किया। इस प्रदर्शन के तुतंत बाद पुलिस ने सख्त कार्यवाही कर कदम उठाये।
प्रदर्शन वाले दिन, यानी के 26 सितम्बर को ही मौलाना तौकीर रज़ा को हाउस अरेस्ट में लिया गया। 27 तारीख को मौलाना रजा को गिरफ्तार करके, बरेली के जेल में पूछताछ के लिए भेजा गया। पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की, तो वहीं 50 से भी अधिक लोग घायल हुए। बरेली के SSP अनुराग आर्य ने बताया की इस दंगे में बहार के भी लोग शामिल थे, और दंगाई नदीम फरार है।
इस विवाद के बाद सरकार ने एनएसए लगाने पर विचार - विमर्श कर रहे हैं। इस हिंसक विरोध पर, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि, "मौलाना भूल गया की शासन किसका है।" और कहा कि कानून की व्यवस्था से छेड़खानी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
सीएम योगी ने ये भी आदेश दिया कि अफवाह फैलाने वालों को गिरफ्तार किया जाए, और दशहरा से पहले शांति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
