लाठीचार्ज के खिलाफ उतरे फिल्मी सितारे, जंतर-मंतर के संग्राम में सोनू सूद के बयान पर मचा बवाल!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ सोनू सूद के समर्थन वाले बयान पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और इस पर अभिनेता सोनू सूद द्वारा सोशल मीडिया पर समर्थन जताए जाने का संदर्भ।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के चल रहे संघर्ष के समर्थन में अब मनोरंजन जगत के कई बड़े चेहरे भी खुलकर सामने आ चुके हैं। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लाठीचार्ज की आलोचना की है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं और गुस्सा देखने को मिल रहा है।
सोनू सूद ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा कि हमारे छात्रों को लाठियां नहीं, बल्कि गले लगाने वाले हाथ चाहिए। हालांकि, उनके इस बयान के सामने आने के बाद यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर उनके इस पोस्ट पर मिक्स्ड रिएक्शंस और तीखी आलोचना देखने को मिली। एक यूजर ने नाराजगी जताते हुए लिखा कि सर, मुझे आपके लिए बहुत सम्मान था लेकिन राष्ट्रविरोधी सीजेपी को सपोर्ट करके आपने वह सम्मान खो दिया है। वहीं अन्य यूजर्स ने भी सवाल उठाया कि अच्छे स्टूडेंट्स के लिए कुछ नहीं बोला गया और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर चुप्पी साधी गई।
इस विरोध प्रदर्शन को केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि कई अन्य फिल्मी हस्तियों का भी समर्थन मिला है। अभिनेत्री दीया मिर्जा ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि एक ऐसे एजुकेशन सिस्टम की मांग करना जिस पर नागरिक भरोसा कर सकें, उसे कभी भी एक्ट ऑफ डिफेंस नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उन्हें देखना मुश्किल है और युवा, महिलाएं व बुजुर्ग नागरिक जो जवाबदेही की मांग के लिए शांतिपूर्वक इकट्ठा होते हैं, वे सम्मान के साथ सुने जाने के हकदार हैं।
इसके अलावा फिल्म एक्ट्रेस नंदिता दास और मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। नंदिता दास ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वह देश के उन लोगों के साथ खड़ी हैं जो लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। वहीं शबाना आजमी ने विरोध स्थल से एक तस्वीर और वीडियो शेयर किया जिसमें वह एक ट्रक पर नजर आ रही हैं और उनके बैकग्राउंड में अभिनेता प्रकाश राज भी दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि सरकार ने आखिरकार बातचीत करने के लिए कहा है और यह शैक्षिक सुधारों के लिए जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है।
कैंसर से जूझ रही अभिनेत्री नफीसा अली सोढ़ी ने भी इंस्टाग्राम पर प्रोटेस्ट की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि बीती 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुई और माहौल जोश व भावनाओं से भरा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की पीड़ा और चिंताओं को सुनेगी।
यह प्रदर्शन तब और अधिक तेज हो गए जब 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर विरोध स्थल से जबरन हटा दिया। अधिकारियों ने उनकी बिगड़ती सेहत, मेडिकल हेल्प और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। नंदिता दास, शबाना आजमी और सोनू सूद के अलावा अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में वीडियो पोस्ट कर अपनी राय रखी थी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
