मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट और दिल्ली पुलिस द्वारा CJP चीफ अभिजीत दिपके को देर से छोड़ने के मामले को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. अभिजीत दिपके द्वारा किए गए पलटवार के बाद अब उनके माता-पिता ने भी दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं और तीखी आलोचना की है.

समय पर छोड़ते तो दादी के अंतिम दर्शन कर पाते: पिता

नागपुर और हिंगोली में सामने आए बयानों के अनुसार, अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उनके बेटे को समय पर छोड़ देती या फिर इस शर्त पर छोड़ती कि अंतिम संस्कार के बाद उसे वापस दिल्ली आना होगा, तो वह निश्चित रूप से अपनी दादी के अंतिम दर्शन के लिए आ सकता था. पिता ने यह भी कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि वह नागपुर पहुंच गया है. भगवान दिपके के मुताबिक, पुलिस को ऐसी बातें सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए थीं जिनका खुलासा नहीं किया जाना चाहिए था, और अगर जानकारी दी भी थी, तो उन्हें दादी के अंतिम दर्शन के लिए कुछ समय देना चाहिए था.

क्या था पूरा मामला?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोले CJP चीफ अभिजीत दिपके जब शनिवार की सुबह दिल्ली पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को विमान में ही हिरासत में ले लिया था. कुछ ही घंटों बाद यह दुखद सूचना सामने आई कि अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया है. CJP और उनके परिवार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की हिरासत के कारण ही अभिजीत दिपके अपनी दादी को अंतिम समय में देख नहीं पाए. इस विवाद के बढ़ने पर दिल्ली पुलिस की पीआरओ डीसीपी नेहा यादव ने दावा किया था कि निधन की सूचना दे दी गई थी और पुलिस ने मदद भी ऑफर की थी.

मां अनीता दिपके का बयान— पुलिस दिखा सकती थी नरमी

परिवार ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था. मां अनीता दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस को उनके बेटे के प्रति थोड़ी नरमी दिखानी चाहिए थी और उसे जाने देना चाहिए था. उन्होंने बताया कि उसे कल रात मुंबई से सीधे अपनी दादी के अंतिम संस्कार के लिए यहां आना था. अगर पुलिस ने उसे कल ही छोड़ दिया होता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था. इतनी बड़ी और दुखद घटना को देखते हुए यदि पुलिस थोड़ी नरमी दिखाती, तो इससे परिवार को राहत मिलती.

गौरतलब है कि अपनी अनुपस्थिति के चलते अभिजीत दिपके ने इस प्रोटेस्ट की पूरी कमान अजिंक्य शिंदे को सौंप दी है.

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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