east of seven fishes : हर वर्ष 25 दिसंबर को पूरी दुनिया में क्रिसमस का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है, हालांकि बाइबल में 25 दिसंबर का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। इतिहासकारों के अनुसार, यीशु के जीवनकाल में यह पर्व प्रचलित नहीं था। यह पर्व बाद में स्थापित हुआ और धीरे-धीरे विश्वभर में लोकप्रिय हुआ।

क्रिसमस की पूर्व संध्या, यानी 24 दिसंबर की रात, विशेष रूप से इटली और इटालियन-अमेरिकन समुदायों में एक अनोखी परंपरा के लिए जानी जाती है, जिसे ‘Feast of the Seven Fishes’ या इतालवी भाषा में ‘ला विझीलिया’ (La Vigilia) कहा जाता है। इस दिन कई परिवार सात मछलियों से बना विशेष भोजन तैयार करते हैं। हालांकि यह संख्या हमेशा सख्त नियम नहीं है; कई लोग 3, 11 या 13 मछलियों का भी आयोजन करते हैं। इस भोज में कोई निश्चित मेनू नहीं है, और स्थानीय परंपराओं के अनुसार मछलियों का चयन किया जाता है।

इस परंपरा की उत्पत्ति इटली के दक्षिणी तटीय इलाकों से हुई मानी जाती है। 1861 से पहले इटली विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित था, जिसमें दक्षिणी क्षेत्र सबसे गरीब था। नई एकीकृत सरकार के संसाधन अधिकतर उत्तरी इटली को मिले, जिससे दक्षिणी क्षेत्रों में गरीबी और सामाजिक चुनौतियाँ बढ़ गईं। समुद्र के निकट होने के कारण इस क्षेत्र में मछलियों की कोई कमी नहीं थी। गरीब समुदायों ने इन मछलियों को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर विशेष भोज का रूप दे दिया। धीरे-धीरे यह परंपरा ‘सात मछलियों के पर्व’ के रूप में प्रचलित हुई।

1900 के दशक में इस परंपरा ने अधिक स्वरूप लिया। जब आर्थिक कारणों से इटालियन लोग अमेरिका चले गए, उन्होंने यह सांस्कृतिक परंपरा अपने साथ ले गए। यही कारण है कि आज इटली और इटालियन-अमेरिकन समुदायों में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर ‘सात मछलियों का भोज’ एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजन बन गया है। यह भोज न केवल भोजन का आनंद देता है, बल्कि परिवार और समुदाय के बीच संबंधों और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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