हाथों में काला छाता और आंबेडकर की प्रतिमा का सहारा— संसद परिसर में रातभर धरने पर बैठे रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद|
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में आंबेडकर प्रतिमा के नीचे रात भर धरना दिया।

नई दिल्ली में संसद परिसर के भीतर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास काले छाते के नीचे धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आजाद।
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्रों के चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई और कई छात्रों के घायल होने की खबर के विरोध में नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कड़ा रुख अपनाया है। छात्रों के समर्थन में उतरे सांसद चंद्रशेखर आजाद सोमवार रात से ही संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं और मंगलवार सुबह भी उनका यह धरना जारी रहा। बारिश के बीच संसद परिसर में काले छाते के नीचे बैठे चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
संसद परिसर में रात बिताने के दौरान चंद्रशेखर आजाद हाथ में एक पोस्टर लिए नजर आए। वह मुख्य रूप से संसद की तरफ मार्च करने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार मिला हुआ है। यदि सरकार या प्रशासन की तरफ से उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग के जरिए दिया जाता है, तो यह केवल कुछ खास लोगों पर नहीं, बल्कि देश के बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है।
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए सांसद ने कहा कि जहां उन्होंने देश के संविधान की शपथ ली है, आज वे उसी संविधान का सम्मान और उसकी रक्षा बचाने के लिए धरने पर बैठे हैं। मासूमों पर हुए अत्याचार के खिलाफ अपना कर्तव्य निभाते हुए उन्होंने कहा कि जुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है, वहीं से बदलाव का सूरज भी निकलने लगता है। जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने उनके मन को गहराई तक झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने भले ही जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा है, लेकिन आज सामने आए दृश्यों ने उन्हें इतिहास के उस काले अध्याय की याद जरूर दिला दी है।
उल्लेखनीय है कि धरنے के दौरान चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठे रहे। इस दौरान जब बारिश शुरू हुई तो उन्होंने अपनी सुरक्षा और धरने को जारी रखने के लिए काले छाते का सहारा लिया। सीजेपी के इस प्रदर्शन और छात्रों के आंदोलन को नगीना सांसद द्वारा इस तरह से संसद परिसर के भीतर समर्थन दिए जाने के बाद यह पूरा घटनाक्रम राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर निगाहें टिकी हुई हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
