हरियाणा CMO, अंबाला-दिल्ली रेल ट्रैक और चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सहमे अभिभावक और हाई अलर्ट पर पुलिस|
हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय और अंबाला-दिल्ली रेल ट्रैक को भी निशाना बनाने का ई-मेल में उल्लेख, सुरक्षा बल और साइबर सेल अलर्ट पर।

चंडीगढ़ के एक स्कूल के बाहर धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा जांच और घेराबंदी करते सुरक्षा बल के जवान।
चंडीगढ़ के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है, जिसने केंद्र शासित प्रदेश और पड़ोसी राज्य हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस ई-मेल के जरिए न केवल चंडीगढ़ के विभिन्न स्कूलों को बल्कि हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भी बम विस्फोट से उड़ाने की सीधी चेतावनी दी गई है। इस अत्यंत संवेदनशील सूचना के सार्वजनिक होते ही चंडीगढ़ पुलिस, राज्य की सुरक्षा एजेंसियां, खुफिया विभाग और साइबर क्राइम सेल तुरंत हरकत में आ गए हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए सभी प्रभावित परिसरों की विधिक रूप से घेराबंदी कर दी गई है। इस धमकी भरे संदेश में कुछ बेहद आपत्तिजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील संदेश भी शामिल किए गए हैं, जिसके कारण इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है।
प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार यह धमकी भरा संदेश एक अज्ञात ई-मेल आईडी के माध्यम से एक साथ कई स्कूलों के आधिकारिक इनबॉक्स में भेजा गया था। इस धमकी में विशेष रूप से चंडीगढ़ के सबसे प्रमुख और बड़े स्कूलों को लक्षित किया गया था, जिनमें सेक्रेड हार्ट स्कूल, संत कबीर स्कूल, भवन विद्यालय, सेंट स्टीफंस स्कूल सेक्टर पैंतालीस, सेंट जॉन्स स्कूल सेक्टर छब्बीस, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर पच्चीस और बीपीएस स्कूल सेक्टर चालिस मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा ई-मेल भेजने वाले ने अपनी धमकी का दायरा बढ़ाते हुए हरियाणा राजभवन के समीप स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय और देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक अंबाला से दिल्ली रेल ट्रैक पर आगामी छह जून तक आईईडी (IED) के जरिए सिलसिलेवार धमाके करने का भी खुला जिक्र किया है।
धमकी भरे ई-मेल की सूचना जैसे ही नियंत्रण कक्ष को प्राप्त हुई, प्रशासन ने बिना कोई समय गंवाए स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और श्वान दल (Dog Squad) की कई विशेष टीमों को तुरंत चिन्हित शिक्षण संस्थानों की ओर रवाना कर दिया। इन सुरक्षा टीमों ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से सभी स्कूल परिसरों, कक्षाओं, खेल के मैदानों और पार्किंग क्षेत्रों की बेहद बारीकी और गहनता से तलाशी ली। राहत की बात यह रही कि कई घंटों तक चले इस सघन खोजी अभियान के दौरान किसी भी स्कूल परिसर या उसके आसपास से कोई भी संदिग्ध विस्फोटक या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर सभी संबंधित स्कूलों की बाहरी सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है और मुख्य द्वारों पर पुलिस कर्मियों की स्थाई तैनाती कर दी गई है।
इस आपराधिक कृत्य के कानूनी और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की विशेष साइबर क्राइम सेल ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपनी जांच को आगे बढ़ाया है। तकनीकी विशेषज्ञ ई-मेल के इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस, उसकी वर्चुअल उत्पत्ति और भेजने वाले सर्वर के मूल स्थान को ट्रैक करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया इस घटना के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय सर्वर या वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है ताकि मूल पहचान को छुपाया जा सके। खुफिया एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह सीमा पार से भारतीय लोकतांत्रिक और शैक्षणिक व्यवस्था को अस्थिर करने या आम जनता के बीच अराजकता फैलाने की किसी गहरी साजिश का हिस्सा तो नहीं है।
चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक आधिकारिक संयुक्त बयान जारी करते हुए आम जनता, विशेषकर स्कूली बच्चों के अभिभावकों से किसी भी प्रकार की घबराहट या अफवाहों में न आने की पुरजोर अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं और स्कूलों के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि दैनिक शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी भय के सुचारू रूप से संचालित हो सकें। इस घटना ने देश के संवेदनशील प्रशासनिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक केंद्रों की डिजिटल और भौतिक सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर ऑडिटिंग करने तथा साइबर खतरों से निपटने के लिए नई और कड़े विधिक तंत्र को मजबूत करने की तात्कालिक आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
