उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में स्थित विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में एक बड़ा हादसा हो गया। टनल के अंदर अचानक मलबा, पानी और पत्थर तेज गति से घुस आए, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर अंदर ही फंस गए। यह दर्दनाक हादसा शाम करीब छह बजे के आसपास हुआ। घटना के समय टनल के अंदर कुल 29 मजदूर मौजूद थे। प्रशासन और बचाव दलों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जिसके तहत अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, इस हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 3 मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। टनल के अंदर भारी मात्रा में मलबा और पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हादसे की सूचना मिलते ही पूरा प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया। जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली और बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। वहीं दूसरी ओर, राज्य की राजधानी देहरादून से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस पूरी घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। हादसे में घायल हुए सभी मजदूरों को तुरंत इलाज के लिए गोपेश्वर के जिला अस्पताल में पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

अस्पताल में भर्ती इस हादसे के एक घायल मजदूर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए उस डरावने मंजर को याद किया। उसने बताया कि वह हादसे के दौरान करीब 3 मिनट तक पानी के अंदर डूबा रहा। टनल में भारी पाइप होने की वजह से वह आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहा था। उस पल को याद करते हुए उसने बताया कि पानी में रहने के बाद उसने सबसे पहले खुद को यह चेक किया कि वह जिंदा है या मर चुका है। इसके बाद वह अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगा। उसने यह भी बताया कि वह जिस जगह पर फंसा हुआ था, वहां लोहे की पाइपलाइन 3 से 4 क्विंटल भारी थी, जिसे हटाने के लिए चार लोग भी कम पड़ रहे थे और वे मिलकर भी उसे नहीं हटा पा रहे थे। बड़ी मुश्किल से किसी तरह उसकी जान बच पाई है।

एक अन्य घायल मजदूर जगेश्वर ने जानकारी दी कि शाम के समय अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते टनल की बिजली पूरी तरह से गुल हो गई। घटना के समय वह मुख्य घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद था। वहीं, एक दूसरे मजदूर सुनील ने बताया कि अचानक घटनास्थल से करीब 150 मीटर की दूरी पर भारी भूस्खलन हुआ, जिसके बाद मलबा, पानी और बड़े-बड़े पत्थर बहुत तेज रफ्तार के साथ टनल के अंदर आ घुसे और तबाही मच गई। प्रशासन द्वारा लापता मजदूरों की तलाश के लिए अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी से जारी है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story