Budget Session of Parliament 2026 : संसद में ऐतिहासिक संग्राम, स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; 118 सांसदों ने खोला मोर्चा
Budget Session of Parliament 2026 में भारी उलटफेर: विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दाखिल किया है। 118 सांसदों के समर्थन वाले इस प्रस्ताव ने देश की सियासत में उबाल ला दिया है। राहुल गांधी को बोलने न देने और पक्षपात के आरोपों के बीच शुरू हुए इस संवैधानिक संकट और सदन की पल-पल की जानकारी यहाँ पढ़ें।

Budget Session of Parliament 2026
Budget Session of Parliament 2026 : भारतीय संसदीय इतिहास में 10 फरवरी 2026 का दिन एक बड़े संवैधानिक टकराव के रूप में दर्ज हो गया है। बजट सत्र के 10वें दिन, जब देश की निगाहें आर्थिक चर्चाओं पर होनी चाहिए थीं, तब संसद के गलियारे 'अविश्वास' की गूंज से दहल उठे। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का आधिकारिक नोटिस दाखिल कर सरकार और सत्तापक्ष को सकते में डाल दिया है। यह कदम कई दशकों बाद किसी अध्यक्ष के खिलाफ उठाया गया एक असाधारण कदम है।
टकराव की जड़ : राहुल गांधी और 'बोलने की आजादी'
संसद में इस महासंग्राम की पटकथा 9 फरवरी को ही लिख दी गई थी, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर न मिलने पर विपक्ष ने भारी हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण है और वे विपक्षी सांसदों, विशेषकर महिला सांसदों की गरिमा और उनके अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और हरसिमरत कौर बादल ने स्पीकर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'लोकतंत्र की गुंडागर्दी' करार दिया।
BREAKING NEWS 🚨
— Ankit Mayank (@mr_mayank) February 10, 2026
United Opposition led by Congress submitted ‘Resolution of Removal’ against LS Speaker Om Birla with 118 MPs support.
Historic humiliation for Om Birla, He deserves EVEN WORSE 🔥pic.twitter.com/znuSBADkBW
अविश्वास प्रस्ताव का गणित और रणनीतिक दांव :
संसद भवन में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई 'इंडिया ब्लॉक' की उच्च स्तरीय बैठक में इस आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया गया।
- समर्थन का आंकड़ा: कुल 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।
- प्रमुख प्रस्तावक: सांसद गौरव गोगोई, के. सुरेश और मोहम्मद जावेद ने आधिकारिक तौर पर नोटिस प्रस्तुत किया।
- टीएमसी का रुख: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने से परहेज किया है, हालांकि समाजवादी पार्टी ने रामगोपाल यादव के नेतृत्व में इसे पूर्ण समर्थन देने का एलान किया है।
Opposition submits no-trust motion against Lok Sabha Speaker Om Birla amid row over Rahul Gandhi's speech. Over 118 MPs have signed the motion.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) February 10, 2026
NDTV's @Vasudha156 reports.
pic.twitter.com/fL0yqhM4XF
संवैधानिक प्रक्रिया और आधिकारिक आदेश :
विपक्ष द्वारा नियम 94C के तहत नोटिस दाखिल किए जाने के बाद, स्पीकर ओम बिरला ने एक गरिमापूर्ण लेकिन सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सचिवालय को इस प्रस्ताव का तकनीकी और कानूनी परीक्षण (Examine) करने का निर्देश दिया है। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि "सदन की कार्यवाही केवल स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही चलेगी।" गौरतलब है कि इस हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और सोमवार को सदन केवल 13 मिनट ही चल सका था।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
