बजट 2026: 'विकसित भारत' की ओर बढ़ते कदम; मध्यम वर्ग को राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर पर महा-दांव
केंद्रीय बजट 2026 की विस्तृत कवरेज: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट और स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि की घोषणा की। जानिए कृषि, रेलवे, और AI सेक्टर के लिए क्या है खास और कैसे यह बजट 'विकसित भारत' के सपने को साकार करेगा। बजट की हर बड़ी घोषणा का सटीक विश्लेषण यहाँ पढ़ें।

नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। वैश्विक अनिश्चितताओं और 'ट्रंप टैरिफ' जैसी चुनौतियों के बीच, इस बजट ने न केवल राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) का परिचय दिया है, बल्कि आम आदमी की जेब और देश की रफ्तार, दोनों का बखूबी ख्याल रखा है। यह ऐतिहासिक अवसर इसलिए भी है क्योंकि पहली बार बजट रविवार को पेश किया गया, जिसने बाजार और जनता दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
मुख्य घोषणाएं और मध्यम वर्ग को सौगात
इस बार के बजट का केंद्र बिंदु मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारी रहे हैं। सरकार ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए 'न्यू टैक्स रिजीम' के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही:
- इनकम टैक्स स्लैब: ₹4 लाख तक की वार्षिक आय को पूरी तरह कर मुक्त रखा गया है। ₹12 लाख तक की आय पर प्रभावी टैक्स शून्य (रिबेट के साथ) बना रहेगा, जो मध्यम आय वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है।
- LTCG में बदलाव: निवेश को बढ़ावा देने के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) की टैक्स-फ्री सीमा को ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख कर दिया गया है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: चिकित्सा मुद्रास्फीति को देखते हुए धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली कटौती की सीमा में भी वृद्धि की संभावना जताई गई है।
कृषि और ग्रामीण विकास: 'अन्नदाता' को संबल
खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने 1.52 लाख करोड़ रुपये का विशाल आवंटन किया है।
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: कम उत्पादकता वाले 100 जिलों में यह विशेष योजना शुरू की जाएगी, जिससे 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
- प्राकृतिक खेती: अगले दो वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की तकनीक
बुनियादी ढांचे के विकास को 'विकसित भारत 2047' का आधार बताते हुए, वित्त मंत्री ने ₹11.21 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय (Capex) की घोषणा की।
- रेलवे: आधुनिकीकरण और 'कवच 4.0' सुरक्षा प्रणाली के लिए लगभग ₹2.65 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): सरकार ने AI को आर्थिक विकास का इंजन मानते हुए नए 'AI मिशन्स' के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं, जिससे 2035 तक जीडीपी में $1.7 ट्रिलियन के इजाफे की उम्मीद है।
कानूनी और राजकोषीय पहलू
सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.4% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, आयकर अधिनियम 2025 के माध्यम से कर कानूनों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जिसमें धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है।
एक संतुलित विजन
बजट 2026 केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त भारत की नींव रखने वाला दस्तावेज है। जहाँ एक ओर बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाकर रोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर करों में राहत देकर घरेलू खपत को बढ़ाने का प्रयास हुआ है। यह बजट भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को दोहराता है।

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