आखिर क्यों BJP प्रवक्ताने विपक्ष नेता राहुल गांधी को कहा भस्मासुर? जानें क्या है पूरा मामला
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को 'भस्मासुर' बताते हुए दावा किया कि कांग्रेस एक साल में दो फाड़ हो जाएगी और सरकार अंगद के पैर की तरह मजबूत है।

संसद सत्र और हालिया बयानों के बाद नई दिल्ली में राजनीतिक घमासान तेज, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (बाएं) और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया (दाएं)।
Gaurav Bhatia call Rahul Gandhi Bhasmasur : भारतीय राजनीति के गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक ऐसा बयान दिया है जिसने देश के सियासी तापमान को अचानक बढ़ा दिया है। एक आपातकालीन और बेहद तल्ख प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीजेपी ने राहुल गांधी की राजनीति की तुलना 'भस्मासुर' से कर दी। सत्ता पक्ष का दावा है कि विपक्ष के इस शीर्ष नेता का एकमात्र उद्देश्य देश के भीतर अराजकता, भ्रम और अस्थिरता का माहौल पैदा करना है। बीजेपी ने न केवल सरकार की मजबूती का दम भरा, बल्कि विपक्षी दल को लेकर एक ऐसी बड़ी भविष्यवाणी भी कर दी है जिससे आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर एक नए आंतरिक कलह और बड़े विद्रोह के संकेत मिलने लगे हैं।
इस तीखे राजनीतिक हमले की कमान संभालते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया के सामने सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सीधे शब्दों में आरोप लगाया कि देश के खिलाफ काम करने वाला तथाकथित 'टूलकिट मॉडल' पूरी तरह से राहुल गांधी की ही उपज है। राहुल गांधी द्वारा हाल ही में दिए गए उस बयान पर पलटवार किया गया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मौजूदा केंद्र सरकार महज एक साल के भीतर गिर जाएगी। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि यह सरकार कोई ताश का पत्ता नहीं है, बल्कि अंगद के पैर की तरह बेहद मजबूत और स्थिर है। उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर देश को अस्थिर करने के लिए ऐसे सौ राहुल गांधी भी एक साथ सामने आ जाएं, तब भी वे नरेंद्र मोदी सरकार को रत्ती भर भी हिला नहीं पाएंगे।
बीजेपी के इस आधिकारिक बयान में केवल पलटवार ही नहीं था, बल्कि कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर एक बेहद गंभीर और राजनीतिक रूप से संवेदनशील दावा भी शामिल था। गौरव भाटिया ने देश के सामने यह बड़ी भविष्यवाणी कर दी कि अगले एक साल के भीतर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बिखर जाएगी और उसके दो टुकड़े होना तय है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अंदर ही बहुत जल्द इस 'नकली गांधी परिवार' के खिलाफ एक बहुत बड़ा आंतरिक विद्रोह पनपने वाला है। बीजेपी प्रवक्ता के अनुसार, जिन लोगों की रगों में लोकतंत्र और पार्टी का हित है, वे इस तानाशाही नेतृत्व का विरोध करेंगे और जब कांग्रेस के अंदर से ही बगावत की आवाजें उठेंगी, तो इस शीर्ष नेतृत्व के पास देश छोड़कर भागने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।
इस राजनीतिक घमासान के बीच बीजेपी ने देश और दुनिया के आर्थिक आंकड़ों को सामने रखकर अपनी सरकार की पीठ भी थपथपाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए बीजेपी ने कहा कि जब पूरा विश्व इस समय गंभीर आर्थिक और वैश्विक संकट से जूझ रहा है और बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाएं धराशायी हो चुकी हैं, तब भारत पिछले 85 दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है। महंगाई के मोर्चे पर वैश्विक तुलना करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि जहां दुनिया के कई संपन्न देशों में इस समय महंगाई दर तीस से पचास फीसदी के डरावने स्तर पर पहुंच चुकी है, वहीं भारत ने इसे महज चार फीसदी पर नियंत्रित करके रखा है।
अपनी बात को आधिकारिक तथ्यों के साथ पुख्ता करते हुए सत्ता पक्ष ने वैश्विक भू-राजनीति और तेल की कीमतों का भी ब्यौरा पेश किया। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद पिछले अस्सी दिनों में जहां दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में साठ फीसदी तक का भारी उछाल आया है, वहीं भारत में यह वृद्धि केवल पांच प्रतिशत तक ही सीमित रही। यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के शुरुआती दो महीनों तक देश में तेल की कीमतों को स्थिर रखा गया और आज जब पूरे विश्व में गैस की भारी किल्लत है, भारतीय उपभोक्ताओं को यह सुचारू रूप से उपलब्ध है। विदेशी दबावों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी ने साफ किया कि भारत रूस से लगातार कच्चे तेल का आयात कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी वैश्विक महाशक्ति के दबाव में आए बिना केवल और केवल भारतीय नागरिकों और देश के हित में कड़े फैसले ले रहे हैं। यह तीखा घटनाक्रम यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में संसद से लेकर सड़क तक सत्ता और विपक्ष के बीच का यह वैचारिक और राजनीतिक युद्ध और भी ज्यादा आक्रामक होने वाला है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
