महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायकों में शुमार और भारतीय जनता पार्टी के नेता पराग शाह ने एक ऐसा अनूठा कदम उठाया, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह गया। अपनी अकूत संपत्ति, सुरक्षा व्यवस्था, लग्जरी गाड़ियों और महंगी चीजों को पीछे छोड़कर उन्होंने एक आम भिखारी का वेश धारण किया और मुंबई की सड़कों पर एक दिन बिताया। घाटकोपर (पूर्व) क्षेत्र से विधायक पराग शाह का यह रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसे देखकर हर कोई यह सोचने पर मजबूर हो गया कि आखिर एक करोड़पति राजनेता को ऐसा कदम उठाने की क्या जरूरत पड़ गई।

इस पूरे वाकया के पीछे एक आध्यात्मिक प्रेरणा जुड़ी हुई है। पेशे से रियल एस्टेट कारोबारी और राजनेता पराग शाह ने यह कदम अपने जैन आध्यात्मिक गुरु नम्रमुनि की सलाह पर उठाया। जैन धर्म की परंपरा में एक विशेष और अहम महीने के दौरान यह अनुभव प्राप्त किया गया। गुरु के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली और मेकअप की मदद से एक साधारण भिखारी का रूप ले लिया। इसके बाद उन्होंने मुंबई के घाटकोपर की सड़कों पर कई घंटे बिताए और लोगों से भीख मांगने का अनुभव लिया।

इस दौरान पराग शाह को जिंदगी के कई कड़वे और खूबसूरत सच बहुत नजदीक से देखने को मिले। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब लोग आम तौर पर उनसे मिलते हैं, तो वे कतार में खड़े होकर सम्मान देते हैं। लेकिन जब वे खुद भिखारी के वेश में उन लोगों के पास गए, तो वही लोग उनसे ऊंचे पद या स्थिति में नजर आए। इस पूरी प्रक्रिया ने उन्हें अहसास कराया कि इंसान की असली औकात और जिंदगी की सच्चाई क्या होती है। उन्होंने सड़कों पर न केवल भीख मांगी, बल्कि वहां के लोगों की दरियादिली को भी महसूस किया।

उन्होंने एक वाकया साझा करते हुए बताया कि जब वे सड़क पर थे, तो एक राहगीर ने उन्हें बीस रुपये दिए और कहा कि जाकर कुछ खा लो। इसके अलावा, जब वे एक गरीब समोसे वाले के पास पहुंचे और बिना पैसों के समोसा मांगा, तो उस छोटे फेरीवाले ने बिना एक बार भी मुंह बनाए या बुरा माने, उन्हें मुस्कुराते हुए समोसा दे दिया। इस घटना ने उन्हें सिखाया कि मुंबई शहर के आम लोगों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति कितनी मदद की भावना भरी हुई है।

बाद में मेकअप हटाकर और अपनी सामान्य स्थिति में लौटने के बाद, पराग शाह उन सभी जगहों पर दोबारा गए और उन लोगों से बातचीत की जो उन्हें भिखारी समझ रहे थे। इससे उन्हें लोगों की मानसिक प्रतिक्रियाओं को समझने का गहरा मौका मिला। गौरतलब है कि पराग शाह अपनी भारी-भरकम संपत्ति के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए उनके हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल नेट वर्थ 3,383 करोड़ रुपये से अधिक थी, जिससे वे राज्य के सबसे अमीर उम्मीदवार बने थे। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पूर्व कॉर्पोरेटर रह चुके पराग शाह का यह अनोखा सफर इस बात की मिसाल बन गया कि भौतिक सुखों से परे जाकर जिंदगी को असलियत के आईने में कैसे देखा जा सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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