'ठगों का मेला' और '1984 का दर्द': INDIA गठबंधन की महारैली पर BJP का जोरदार पलटवार, उठाए गंभीर सवाल|
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली पर भारतीय जनता पार्टी ने हमला बोलते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाकर विरोध जताया।

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान एकत्रित जनसमूह, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक हमला बोला है।
राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित कांग्रेस और INDIA गठबंधन की महारैली से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए इस आयोजन को 'ठगों का मेला' करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विपक्षी गठबंधन देश विरोधी ताकतों के इशारे पर काम कर रहा है और इसका उद्देश्य देश में अफवाह और अराजकता फैलाना है।
'ठगों का मेला' और राजनीतिक जमीन बचाने का आरोप
बीजेपी ने महारैली के विरोध में एक पोस्टर जारी करते हुए कहा कि रामलीला मैदान में फिर से 'ठगों का मेला' लगने जा रहा है। बीजेपी का दावा है कि विपक्षी दल अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं। पार्टी के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य मकसद देश विरोधी ताकतों के इशारों पर भ्रम पैदा करना है, ताकि देश की शांति और व्यवस्था को प्रभावित किया जा सके।
1 नवंबर को रैली करने पर 1984 के सिख नरसंहार की दिलाई याद
बीजेपी ने 1 नवंबर की तारीख को लेकर कांग्रेस पार्टी पर सिखों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने 1984 की हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि 1 नवंबर 1984 को दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिखों के खिलाफ भीषण हिंसा हुई थी। उस दौरान घर जलाए गए, परिवार उजाड़े गए और हजारों निर्दोष लोगों का कत्लेआम हुआ था।
बीजेपी ने कहा कि इस हिंसा में कांग्रेस नेताओं की भूमिका और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयानों को लेकर आज भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। चार दशक बीत जाने के बाद भी पीड़ितों के जख्म ताजा हैं और न्याय की मांग जारी है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस 1 नवंबर के दिन रैली का आयोजन करके सिखों के दर्द को हरा कर रही है और अपनी नौटंकी के शोर में 1984 के जख्मों को दबाने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस का बयान
दूसरी तरफ, रामलीला मैदान में हो रही इस मेगा रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि रैली में शामिल होने के लिए लोग पहुंचने लगे हैं और पुलिस की तैयारियां पूरी तरह दुरुस्त हैं।
उन्होंने बताया कि जिस रूट से मार्च निकाला जाएगा, वहां भी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए 200 से 250 सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें मिलकर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
