साल 2026 के लिए प्रतिष्ठित 'द वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम्स' की रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें बिहार की राजधानी पटना स्थित बिहार संग्रहालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस वैश्विक सूची में बिहार संग्रहालय को दुनिया भर के संग्रहालयों के बीच 9वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, एशिया महाद्वीप के इतिहास संग्रहालयों की श्रेणी में यह पहले स्थान पर रहा है। बिहार संग्रहालय के लिए यह एक अत्यंत गौरव का क्षण है क्योंकि इस रैंकिंग में चीन और जापान जैसे देशों के विख्यात संग्रहालय भी इससे पीछे रह गए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय की आधुनिक वास्तुकला और ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण के प्रति किए गए प्रयासों को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देती है।

बिहार संग्रहालय पाषाण काल से लेकर आधुनिक युग तक के बिहार के लंबे और समृद्ध इतिहास को बेहद खूबसूरती और सलीके से प्रदर्शित करता है। संग्रहालय की वास्तुकला बहुत अनूठी और विशाल संरचना वाली है, जिसके खुले आंगन और हरे-भरे लॉन दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां की दीर्घाएं ऐतिहासिक कालक्रम के अनुसार सजी हुई हैं, जिससे पर्यटकों को इतिहास को समझने में आसानी होती है। इस संग्रहालय में ऐतिहासिक मूर्तियों, प्राचीन सिक्कों, दुर्लभ पांडुलिपियों और पारंपरिक लोक कलाओं का एक अनमोल संग्रह मौजूद है। बच्चों के लिए यहां एक विशेष दीर्घा बनाई गई है, जो इस संग्रहालय के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। इसके अलावा, बिहार की समृद्ध विरासत पर आधारित एक छोटी फिल्म भी पर्यटकों को दिखाई जाती है, जो उन्हें राज्य के अतीत से रूबरू कराती है।

इस ऐतिहासिक कामयाबी पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह और अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने गहरी खुशी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि बिहार के गौरवशाली इतिहास को पूरी दुनिया के सामने रखने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय पहचान से राज्य के पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा और पंख लगेंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस रैंकिंग के बाद बिहार, वैश्विक सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर और भी अधिक मजबूती से स्थापित होगा।

संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह और अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार सरकार और राज्यवासियों को बधाई दी। अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संग्रहालय की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करती है। यह कामयाबी बिहार के सुनहरे अतीत को नई पीढ़ी और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह उपलब्धि वैश्विक पटल पर राज्य के सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

बिहार संग्रहालय को दुनिया के 100 बेहतरीन संग्रहालयों की सूची में 9वां स्थान मिलना राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह रैंकिंग स्पष्ट रूप से दिखाती है कि राज्य अपनी अनमोल विरासत को सहेजने और उसे वैश्विक दर्शकों के सामने बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने में सफल रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच बिहार की छवि और अधिक मजबूत होगी। यह माना जा रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता से राज्य के पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी और बिहार वैश्विक सांस्कृतिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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