बिहार बाढ़: नेपाल में भारी बारिश से उफनी गंडक, 10 घंटे में 4 जगह टूटा चंपारण तटबंध, 200 से अधिक गांव जलमग्न|
नेपाल में भारी बारिश के कारण गंडक नदी में आए फ्लैश फ्लड से चंपारण तटबंध 10 घंटे में चार जगह टूट गया है, जिससे 200 गांव जलमग्न हो गए हैं।

बिहार के चंपारण में गंडक नदी के तटबंध टूटने और बाढ़ के कारण जलमग्न हुए क्षेत्रों को दर्शाती तस्वीर।
बिहार में नेपाल की भारी बारिश और गंडक नदी में अचानक आए फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण जिले इस बाढ़ के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं. स्थिति यह है कि मात्र 10 घंटे के भीतर चंपारण तटबंध चार अलग-अलग स्थानों पर टूट गया, जिससे 200 से अधिक गांवों में पानी घुस गया है और लगभग साढ़े छह लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
10 घंटे में चार जगह टूटा चंपारण तटबंध गंडक नदी के जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण तटबंध लगातार दबाव नहीं झेल पाए. सबसे पहले सोमवार रात 8:30 बजे बगहा-1 के खैरटवा में और रात 2 बजे बैरिया के फुलियाखाड़ में तटबंध टूट गया. इसके बाद तड़के 4 बजे बगहा-1 के बथुवरिया और मंगलवार शाम 6:30 बजे योगापट्टी के गोलाघाट में भी तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया. अकेले बथुवरिया में पानी घुसने से नवलपुर के 3,000 से अधिक घर डूब गए हैं. इस तबाही के कारण करीब साढ़े छह लाख की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है और लोग अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं.
पूर्वी चंपारण में रिंग बांध टूटा और अन्य नुकसान
• पूर्वी चंपारण के अरेराज (सरेया पंचायत) में सोमवार देर रात 3 बजे गंडक का रिंग बांध टूट गया, जिससे सरेया पाण्डेय टोला, लोकनाथपुर और सिकटिया गांवों में 5 फीट तक पानी भर गया है.
• अरेराज-पटना स्टेट हाईवे पर पानी चढ़ जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है.
• संग्रामपुर के अरेराज-हाजीपुर मुख्य एसएच-74 पर 2 फीट पानी बह रहा है.
• पिपरासी के सुगौली में पीपी तटबंध का रिटायर बांध टूटने से मुख्य पीपी तटबंध पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है तथा नौतन-गोपालगंज पथ पर भी पानी आ गया है.
• इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में गंडक नदी के दाएं तट पर बना तटबंध भी एक स्थान पर क्षतिग्रस्त हुआ है.
साहिबगंज-महाराजपुर रेलखंड पर गंगा का कटाव भागलपुर-साहिबगंज-महाराजपुर रेलखंड के महाराजपुर झुंझरी पुल के पास गंगा नदी के भीषण कटाव के कारण लगभग 100 मीटर रेल ट्रैक खतरे की जद में आ गया है. स्थिति यह है कि ट्रैक से गंगा की दूरी घटकर मात्र 20 मीटर रह गई है. साहिबगंज एईएन वेद व्यास शरण के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है और रेलवे ट्रैक को बचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है.
ट्रेनें रद्द और मार्ग परिवर्तित रेल लाइन पर कटाव के चलते मंगलवार को चार ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि छह ट्रेनों का मार्ग बदलकर भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट, जमालपुर-मुंगेर-कटिहार और किऊल-झाझा होकर चलाया गया. इसके अलावा, एक पैसेंजर और एक एक्सप्रेस ट्रेन को साहिबगंज में ही शॉर्ट टर्मिनेट किया गया. रेलवे प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 63074 साहिबगंज-रामपुरहाट मेमू और 13428 साहिबगंज-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी रद्द रखने का निर्णय लिया गया है. बाढ़ की इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंता लगातार मुस्तैद हैं.

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
