भूटान से एक बेहद सुंदर और आध्यात्मिक खबर सामने आई है। यहाँ के 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' में रविवार को मात्र 9 घंटे के भीतर 108 बौद्ध स्तूपों की स्थापना की गई। इस विशेष अवसर पर भूटान के राजा ने इनमें से एक खास स्तूप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया है, जो दोनों देशों के बीच की गहरी और मजबूत दोस्ती को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक अभिषेक समारोह में भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को स्तूप समर्पित किए जाने को भारत के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान बताया और पीएम की तरफ से भूटान के राजा का आभार व्यक्त किया।

भव्य समारोह और गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी की परिकल्पना

रविवार को आयोजित इस भव्य समारोह में दुनिया भर से करीब 2 लाख लोग और विभिन्न बौद्ध संप्रदायों के बड़े गुरु एकत्रित हुए थे। ये स्तूप भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति (एनलाइटमेंट) के प्रतीक माने जाते हैं, जिसे 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' का मुख्य आधार बनाया गया है।

इस अनोखे शहर की परिकल्पना भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने की है, जबकि इसका डिजाइन एक डेनिश आर्किटेक्ट द्वारा तैयार किया गया है।

  • आर्थिक और आधुनिक केंद्र: इस शहर को दक्षिणी भूटान में भारत की सीमा के पास विकसित किया जा रहा है और इसे देश के एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है।
  • खुशी और पर्यावरण को प्राथमिकता: इस शहर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ व्यावसायिक फायदों से ज्यादा पर्यावरण की स्थिरता और स्थानीय लोगों की खुशी (ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस) को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है।
  • वर्तमान स्थिति: भूटान की राजधानी थिम्पू से लगभग 240 किलोमीटर की दूरी पर बसे इस शहर की वर्तमान आबादी करीब 10,000 है।

इन 108 स्तूपों की क्या हैं खास बातें?

108 स्तूपों को तैयार करने की यह अनूठी परियोजना भूटान के राजा का सपना थी, जिसे एक ही दिन में हजारों स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर पूरा किया।

  • आध्यात्मिक नींव: स्थानीय भाषा में इन स्तूपों को 'जांगजूब चोर्टेन' कहा जाता है, जो इस नए शहर की आध्यात्मिक नींव का एक अहम हिस्सा हैं।
  • दायरा और बनावट: इन स्तूपों को 'आई नदी' के किनारे करीब 11.7 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया गया है।
  • आकार: इन सभी 108 स्तूपों में से प्रत्येक की ऊंचाई 15 मीटर है और वे एक-दूसरे से 108 मीटर की निश्चित दूरी पर स्थित हैं।

किरेन रिजिजू ने बताया भारत के लिए गर्व का क्षण

इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करने पहुँचे केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए लिखा कि यह भारत के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अत्यंत पवित्र 76वां स्तूप, भारत और भूटान के बीच अटूट मित्रता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्कृष्ट दृष्टिकोण के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उन्हें समर्पित किया गया है।

मंत्री रिजिजू ने भूटान के राजा, महारानी, प्रधानमंत्री दाशों शेरिंग तोबगे और वहाँ के आम नागरिकों की उपस्थिति में इस पवित्र अनुष्ठान में हिस्सा लिया। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के अनुसार, रिजिजू ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भूटान के राजा को धन्यवाद देते हुए दोनों देशों के आपसी संबंधों को और मजबूत करने की बात दोहराई।

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Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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