बंगाल विधानसभा चुनाव: भानगढ़ में टीएमसी कार्यकर्ता के घर से 100 जिंदा बम बरामद

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले दक्षिण 24 परगना जिले के भानगढ़ में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने से हड़कंप मच गया है। रविवार शाम को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर के पीछे बने बगीचे से 100 जिंदा बम बरामद किए हैं। चुनाव के संवेदनशील समय में इतनी बड़ी तादाद में बमों का मिलना सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। इस घटना ने न केवल इलाके में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर दिया है।

घटना का विवरण देते हुए पुलिस सूत्रों ने बताया कि उत्तर काशीपुर पुलिस स्टेशन को चेलेगोआलिया इलाके में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने चिन्हित स्थान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस का ध्यान टीएमसी कार्यकर्ता के घर के पीछे स्थित बगीचे की ओर गया। वहां सघन तलाशी लेने पर एक लावारिस थैला मिला, जिसे खोलने पर पुलिस के होश उड़ गए। थैले के भीतर एक-एक कर कुल 100 ताजे और शक्तिशाली बम बरामद किए गए। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को सूचित किया।

बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर अत्यंत सावधानी के साथ सभी 100 बमों को अपने कब्जे में लिया और पास के एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उन्हें सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल देखा गया। मतदान से कुछ ही घंटे पहले इतनी बड़ी साजिश का पर्दाफाश होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भानगढ़ और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। साथ ही, केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भी इलाके में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है ताकि मतदाताओं के मन से डर को दूर किया जा सके।

इस बरामदगी के बाद बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि टीएमसी चुनाव में धांधली करने और विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने के लिए बमों का भंडारण कर रही है। आईएसएफ नेताओं का दावा है कि मतदान के दिन हिंसा फैलाने के उद्देश्य से इन बमों को छिपाकर रखा गया था। वहीं, दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक गहरी साजिश करार दिया है। टीएमसी का कहना है कि आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने उनकी पार्टी को बदनाम करने के लिए रात के अंधेरे में उनके कार्यकर्ता के बगीचे में बम रखे थे।

प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन बमों का स्रोत क्या था और इन्हें किस उद्देश्य से यहां एकत्रित किया गया था। क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है या यह केवल स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है, इसकी परतें खोलने के लिए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि भानगढ़ का इलाका पहले भी कई बार चुनावी हिंसा और बम विस्फोटों के कारण सुर्खियों में रहा है, जिससे इस घटना की गंभीरता और भी बढ़ जाती है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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