अधिकारी की हत्या कर दी थी चुनौती, पुलिस मुठभेड़ में शूटआउट का मास्टरमाइंड रामधीन यादव ढेर|
कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के मुख्य आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर की थी फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारा गया।

बिहार के भागलपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ की जानकारी देता ब्रेकिंग न्यूज़ ग्राफिक्स, जहां ईओ हत्याकांड का मास्टरमाइंड मारा गया।
बिहार के भागलपुर में कानून के इकबाल को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई की है। सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर एक जांबाज अधिकारी की हत्या करने और सभापति को गंभीर रूप से घायल करने वाले मास्टरमाइंड रामधीन यादव को पुलिस ने बुधवार सुबह एक मुठभेड़ में मार गिराया। इस कार्रवाई ने राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है और यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता या वर्चस्व की आड़ में किए गए अपराधों का अंजाम केवल कानून की सलाखों के पीछे या फिर हथियारबंद मुठभेड़ में ही होगा।
घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार शाम को हुई जब सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू कार्यालय में विकास योजनाओं की फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे थे। उसी समय तीन नकाबपोश अपराधी झोले में हथियार छिपाकर भीतर दाखिल हुए। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर 'हमारा ही वर्चस्व रहेगा' चिल्लाते हुए अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे। अपराधियों ने सभापति को निशाना बनाया, लेकिन जब बहादुर ईओ कृष्ण भूषण कुमार उन्हें बचाने के लिए दौड़े, तो बदमाशों ने उनके सिर में तीन गोलियां उतार दीं। अधिकारी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि सभापति को नाजुक हालत में पटना रेफर करना पड़ा।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव था। भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता रामधीन यादव को दबोच लिया। रामधीन यादव सुल्तानगंज नगर परिषद की उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति था और इलाके में अपना राजनीतिक व आर्थिक वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुख्यात था। बुधवार सुबह पुलिस उसे वारदात में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी और अन्य सहयोगियों की शिनाख्त के लिए गोपनीय ठिकाने पर ले गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जैसे ही पुलिस टीम चिन्हित स्थल पर पहुंची, वहां पहले से घात लगाए बैठे रामधीन के अन्य साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस अफरा-तफरी का लाभ उठाकर रामधीन यादव ने भी पुलिस टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें रामधीन यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में तीन पुलिस पदाधिकारी भी जख्मी हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
प्रशासनिक स्तर पर इस मुठभेड़ को अपराधियों के मनोबल को तोड़ने वाली कार्रवाई माना जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अधिकारियों के कार्यस्थल पर हमला करना राज्य की व्यवस्था पर हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। फिलहाल सुल्तानगंज और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का सिलसिला तेज कर दिया गया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
